China Tibet mining: चीन की दो बड़ी माइनिंग कंपनियां तिब्बत में सोने, तांबे और दूसरे कीमतों खनिजों को निकालने की योजना बना रही हैं. बीजिंग की यह रणनीतिक कच्चे माल की घरेलू सप्लाई मजबूत करने के लिए तिब्बत के संसाधनों का इस्तेमाल करने की कोशिश है. हालांकि तिब्बत में पहले से ही चीन के बड़े सरकारी माइनिंग ऑपरेशन मौजूद हैं. इनमें यूलोंग खदान शामिल है, जिसमें तांबा, मोलिब्डेनम, लोहा और सोना है. जिसने 2025 में 152,000 टन तांबे का उत्पादन किया है.
चीन की निजी कंपनी ‘शिजांग झिहुई माइनिंग’ और सरकारी ‘झाओजिन नॉनफेरस माइनिंग’ ने गुरुवार को तिब्बत के माइनिंग प्रोजेक्ट में संयुक्त निवेश के लिए रणनीतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान झिहुई माइनिंग ने बताया है कि दोनों कंपनियां तांबा, मोलिब्डेनम, क्रोमियम, एंटीमनी, सोना, टंगस्टन और जिंक जैसे रणनीतिक खनिजों के भंडार पर ध्यान देंगी. यह संयुक्त उद्यम केवल तिब्बत तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सफल होने पर इस मॉडल को चीन में भी उच्च-गुणवत्ता वाले नॉन-फेरस माइनिंग प्रोजेक्ट के लिए अपनाया जा सकता है.
बीजिंग की तिब्बत के खजाने पर नजर
बताया जा रहा है कि यह समझौता सरकारी और निजी क्षेत्र की माइनिंग कंपनियों के बीजिंग के खनिज खोज अभियान को बढ़ावा देता है, जो साल 2021 में शुरू हुआ था. वहीं यह अभियान इसलिए भी अहम है क्योंकि सैन्य उपकरणों, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और उभरती हुई तकनीकों में इस्तेमाल होने वाले दुर्लभ और अहम खनिजों को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. वैश्विक सप्लाई-चेन सुरक्षा को लेकर चिंताओं ने इस होड़ को बढ़ाया है.
झिहुई माइनिंग ने कहा है कि तिब्बत देश के प्राकृतिक संसाधनों के लिए एक रणनीतिक भंडार आधार है, वहां पाए जाने वाले नौ रणनीतिक खनिज ज्ञात संसाधनों की मात्रा के हिसाब से चीन के शीर्ष तीन में आते हैं. यह क्षेत्र तांबा, क्रोमियम, एंटीमनी, सॉल्ट-लेक लिथियम और बोरॉन के पहचाने गए संसाधनों के मामले में बेहद संंपन्न है.
बेहद कीमती हैं ये खनिज
इन खनिजो का बड़े पैमाने पर पावर ग्रिड, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, रक्षा प्रणालियों और उच्च-प्रदर्शन वाले मिश्र धातुओं में इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, एलिस्ट्रा एडवाइजरी लिमिटेड की संस्थापक लियू वेनजिंग ने कहा कि तिब्बत में खनिजों का बड़ा और विविध संसाधन आधार है. तांबा, क्रोमियम, लिथियम, सीसा, जस्ता और सोना इसके प्रमुख खनिज संसाधन हैं और नई खोज की भी काफी संभावना हैं.