Bejing: चीन ने अपने नौसैनिक बेड़े का तेजी से विस्तार करते हुए एक नए उन्नत मिसाइल विध्वंसक पोत को सेवा में शामिल किया है. इससे वह अमेरिकी नौसेना की शक्ति का बेहतर तरीकों से मुकाबला कर सकेगा. बता दें कि चीनी नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बन चुकी है, जिसमें 234 युद्धपोत हैं जबकि अमेरिकी नौसेना के पास 219 जहाज हैं. बेड़े के निर्माण के साथ-साथ ही चीन अपने सहयोगी पाकिस्तान को आधुनिक नौसैनिक जहाज और पनडुब्बियां भी मुहैया करा रहा है.
लगे हुए हैं उन्नत राडार, हथियार और नेटवर्क सिस्टम
पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नौसेना ने लौडी (Loudi) नामक Type 052D गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पोत को कमीशन किया है. चीन के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को बीजिंग में कहा कि चीनी नौसेना के इस मिसाइल रोधी पोत में इसमें उन्नत राडार, हथियार और नेटवर्क सिस्टम लगे हुए हैं. चीनी नौसेना ने इस अपग्रेडेड मिसाइल विध्वंसक पोत को शामिल कर अपने बेड़े का तेजी से विस्तार जारी रखा है ताकि अमेरिकी नौसैनिक क्षमता के साथ अंतर को घटाया जा सके.
युद्धक प्रदर्शन में काफी सुधार
लौडी पर तैनात क्रू मेंबर झांग शेंगवेई ने बताया कि यह युद्धपोत नए सिस्टम डिजाइन और आर्किटेक्चर पर आधारित है, जिससे इसके युद्धक प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है. खासकर वायु रक्षा, समुद्री हमले और टास्क फोर्स कमांडिंग में. उन्होंने यह भी कहा कि इस मिसाइल विध्वंसक पोत से चीन लंबी दूरी तक हमले कर सकता है और निशाने पर सटीक स्ट्राइक ऑपरेशन अंजाम दे सकता है. साथ ही मिशनों के दौरान अन्य सहयोगी जहाजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकता है.
औसतन हर महीने एक नया जहाज शामिल
चीनी नौसेना अपनी बेड़े को बहुत तेजी से बढ़ा रही है, जिसमें औसतन हर महीने एक नया जहाज शामिल कर रही है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के एक अध्ययन के अनुसार 2019 से 2023 के बीच चीन के चार सबसे बड़े शिपयार्ड, डालियानए गुआंगजौ, जियांगनान और हुडोंग-झोंगहुआ ने 39 युद्धपोत बनाए, जिनका संयुक्त विस्थापन 550,000 टन था. लौडी के शामिल होने के साथ चीनी नौसेना ने 2025 में अब तक 11 नए युद्धपोतों को बेड़े में जोड़ा है, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर फुजियान भी शामिल है.
नवंबर में आधिकारिक रूप से पीएलए नौसेना में शामिल
चीन फुजियान को अपना सबसे उन्नत विमानवाहक पोत मानता है जिसे पिछले साल नवंबर में आधिकारिक रूप से पीएलए नौसेना में शामिल किया गया था. यह चीन का पहला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट सिस्टम वाला विमानवाहक पोत है. 80,000 टन से अधिक फुल लोड विस्थापन वाला यह विशाल पोत 2019 में शंघाई के जियांगन शिपयार्ड में बना और जून 2022 में लॉन्च हुआ, जिसके बाद 2024 से आठ सफल समुद्री परीक्षण पूरे किए गए.
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