पता नहीं क्यों एक दूसरे के दुश्मन बने हैं ये देश? सिर्फ मलबा ही तो है…

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Colombia-America: इन दिनों समुद्र में डूबे अरबों रुपये के खजाने को लेकर कुछ देशों में जंग छिड़ी हुई है. समुद्र के इस खजाने पर कोलंबिया, बोलीविया, स्पेन, पेरू और अमेरिकी कंपनी अपना-अपना दावा कर रहे है,जिसकी वजह से करीब एक दशक से इन देशों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है.

दरअसल, कोलंबिया के समुद्र में करीब तीन सौ साल पहले सैन जोस नाम का एक स्पोनिश जहाज डूब गया था. ब्रिटिश सेना द्वारा डुबोए गए इस जहाज में सोना,चांदी और पन्ना जैसे रत्न भरे हुए थे,जिसकी कीमत करीब 18 अरब अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है.

2015 में मिला था जहाज का मलबा

इस जहाज को लेकर कानूनी लड़ाई उस वक्‍त शुरू हुई जब साल 2015 में समुद्र में करीब 950 मीटर की गहराई में इसका मलबा मिला था. इस खजाने को लेकर कोलंबिया और अमेरिका कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं और अब यह मामला स्थाई मध्यस्थता न्यायालय के सामने है. कोलंबिया का कहना है कि यह जहाज कोलंबियाई जल क्षेत्र में जहाज डूबा था और वह उसके अवशेषों को संग्रहालय में रखेगा.

मलबे पर अपना दावा कर रहे ये देश

बता दें कि 1980 के दशक तक जहाज का मलबा समुद्र में ही पड़ा हुआ था. फिर ग्लोका मोरा नाम की अमेरिकी बचाव कंपनी ने कोलंबिया के समुद्री इलाके में इसे ढूंढ़ा और अब अपने हक में इसे लेने के कंपनी ने कोलंबियाई सरकार से बात की लेकिन सहमति नहीं बनी. इन देशों के अलावा, स्पेन ने भी खजाने पर हक जताया है उसका तर्क है कि सैन जोसा औसमें जो खजाना था, वह उनका है. वहीं, बोलीविया और पेरू के स्वदेशी समूह लूट के खजाने में से एक हिस्सा मांग रहे हैं क्‍योंकि इनका कहना है कि खजाने को औपनिवेशिक काल के समय एंडीज की खदानों से लूटा गया था.

समुद्र में डूबे 600 लोग

सैन जहाज 1708 में पनामा से कोलंबिया के बंदरगाह शहर कारटाजेन की ओर जाते समय समुद्र में डूबा था. उस समय स्पेन और ब्रिटेन में युद्ध चल रहा था. वहीं, ब्रिटिश सैनिकों ने खजाने को लूटने की चाहत में जहाज के पाउडर मैगजीन में तोप का गोला चला दिया. इसके कुछ समय बाद ही जहाज फटकर पानी में डूब गया. समुद्री इतिहासकार का कहना है कि इस जहाज के साथ करीब 600 लोग भी डूब गए थे.

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