Donald Trump Assasination Threat by Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है. दरअसल, हाल ही में जब डोनाल्ड ट्रंप तुर्की गए हुए थे, तो उनके प्लेन बदलने वाली घटना ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन अब एक दावा किया गया है कि इसके पीछे एक बड़ा सिक्योरिटी थ्रेट था.
वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तुर्की से ब्रिटेन रवाना होते समय ट्रंप को एक सीक्रेट मिलिट्री प्लेन से सफर करना पड़ा था और सार्वजनिक तौर पर वे जिस एयर फोर्स वन में सवार होते हुए दिखे थे, वो डिकॉय यानि एक नकली एयर फोर्स वन प्लेन था.
बता दें कि यह पूरी घटना इसलिए हुई क्योंकि ईरान से जुड़ा हुआ हत्या का खतरा उनके सिर पर मंडरा रहा था. ऐसे में एक छोटे सैन्य विमान में उन्हें ले जाया गया था. हालांकि यह पूरी सुरक्षा योजना इतनी गोपनीय थी कि मीडिया के साथ-साथ व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारी भी इससे अनजान रहे. ये बेहद टॉप सिक्योरिटी लेवल पर की गई प्लानिंग थी, इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि खतरा भी छोटा-मोटा नहीं था.
नाटो सम्मेलन के बाद हुई थी घटना
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप जुलाई में नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ कतर की तरफ से अमेरिका को दिया गया नया बोइंग 747 विमान भी था, जिसे उनके ऑफिशियल विमान एयर फोर्स वन को भविष्य में रिप्लेस करने के लिए तैयार किया जा रहा है. यह विमान पहली बार ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय यात्रा में इस्तेमाल हुआ था. ये वही वक्त था, जब ईरान के साथ अमेरिका का तनाव चरम पर था.
अंकारा एयरपोर्ट पर ट्रंप को मीडिया कैमरों के सामने पुराने एयर फोर्स वन में चढ़ते हुए दिखाया गया. ये तस्वीरें भी मीडिया में आई थीं और सभी को यही लगा कि राष्ट्रपति इसी विमान से ब्रिटेन जा रहे हैं. हालांकि इसके बाद सुरक्षा योजना के तहत बेहद सफाई से ट्रंप को एक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक की आड़ में दूसरे विमान तक ले जाया गया.
रिपोर्ट के मुताबिक, वह विमान अमेरिकी वायुसेना का C-32A था. इस गुप्त योजना का मकसद राष्ट्रपति की वास्तविक यात्रा को छिपाना था क्योंकि खतरा बड़ा था. वहीं, पुराने एयर फोर्स वन को एक तरह के डिकॉय यानी भ्रम पैदा करने वाले विमान के रूप में इस्तेमाल किया गया. साथ ही एयर फोर्स वन में यात्रा कर रहे पत्रकारों को उस वक्त विमान की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने की सलाह दी गई. कुछ व्हाइट हाउस कर्मचारी भी उसमें मौजूद थे, लेकिन उन्हें खबर नहीं थी ट्रंप अंदर नहीं हैं.
बाद में पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि उड़ान के दौरान पर्दे बंद रखने को क्यों कहा गया था तो ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद वे खतरनाक उड़ान पर थे. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को लेकर C-32A रात करीब साढ़े 10 बजे तक ब्रिटेन पहुंचा. इसके कुछ मिनट बाद पुराना एयर फोर्स वन और उसमें सवार मीडिया भी वहां पहुंच गया. ट्रंप को बाद में पुराने विमान में कैसे वापस पहुंचाया गया, ये साफ नहीं किया गया है.

