Beijing: चीन की राजधानी बीजिंग में भव्य स्वागत, बिजनेस डील्स और कूटनीतिक गर्मजोशी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अपने देश लौट रहे हैं. ट्रंप का चीन दौरा अब खत्म हो गया है. उनका मोटरकेड झोंगनानहाई कॉम्प्लेक्स से निकलकर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया है. इसी के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो दिनों तक चली हाई-लेवल बातचीत का समापन हो गया. इस दौरे में ट्रेड, ताइवान, ईरान और ग्लोबल मुद्दों पर अहम चर्चा हुई.
अमेरिका व चीन के झंडे लहराते दिखे छात्र
अब नजर इस बात पर है कि इन बैठकों से क्या ठोस नतीजे निकलते हैं और आगे अमेरिका-चीन रिश्तों की दिशा क्या होगी? बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रंप एयर फोर्स वन में सवार हो गए हैं. रेड कार्पेट विदाई के दौरान चीनी सैनिक कतार में खड़े नजर आए और छात्र अमेरिका व चीन के झंडे लहराते दिखे. रवाना होने से पहले ट्रंप ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से गर्मजोशी से मुलाकात की और उनके कंधे पर दोस्ताना अंदाज में हाथ भी रखा. इसके साथ ही ट्रंप का चीन दौरा औपचारिक रूप से खत्म हो गया.
ताइवान के आस-पास अचानक बड़ा बदलाव
बीजिंग में ट्रंप-शी जिनपिंग की अहम बैठक के बीच ताइवान के आस-पास अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला. आमतौर पर रोज उड़ान भरने वाले चीनी फाइटर जेट पिछले 24 घंटे में बिल्कुल नजर नहीं आए, जबकि सात चीनी नौसैनिक जहाज जरूर क्षेत्र में सक्रिय रहे. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस बदलाव की पुष्टि की है. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह कदम ट्रंप-शी बैठक के दौरान तनाव कम दिखाने की रणनीति हो सकता है.
ईरान के परमाणु मुद्दे पर सख्त रुख
बीजिंग समिट के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के परमाणु मुद्दे पर सख्त रुख दोहराया है. उन्होंने कहा कि दुनिया में शायद ही कोई देश होगा जो ईरान के पास परमाणु हथियार देखना चाहता हो. रुबियो के मुताबिक फर्क सिर्फ इतना है कि अमेरिका इस खतरे को रोकने के लिए कदम उठा रहा है.
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