भारत पर बेतहाशा शुल्क लगाने जा रहे हैं ट्रंप? US सांसद के दावे ने वैश्विक स्तर पर मचाई खलबली!

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Washington: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बीच एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने वैश्विक स्तर पर खलबली मचा दी है. अमेरिका के वरिष्ठ सांसद ब्रैड शेरमैन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर बेतहाशा शुल्क लगाने के बहाने ढूंढ रहे हैं. इसके साथ ही शेरमैन ने उनसे इस नीति को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया.

हमारे सहयोगी को बनाया गया निशाना

शेरमैन ने ये भी कहा कि भारत, रूस से अपने कच्चे तेल का सिर्फ 21 प्रतिशत प्राप्त करता है लेकिन हमारे सहयोगी को निशाना बनाया गया. राष्ट्रपति को यह नीति तुरंत बदलनी चाहिए. सांसद ब्रैड शेरमैन ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर बेतहाशा शुल्क लगाने के बहाने ढूंढ रहे हैं.

आयात के लिए लगाया शुल्क

प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति और वित्तीय सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य शेरमैन ने कहा कि ट्रंप का दावा है कि भारत पर रूसी तेल के आयात के लिए शुल्क लगाया गया था. उन्होंने कहा कि हंगरी रूस से अपने कच्चे तेल का 90 प्रतिशत आयात करता है, लेकिन उस पर कोई शुल्क नहीं है.

रूसी तेल खरीद से जुड़े नहीं लगाए प्रतिबंध

चीन रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है. उस पर रूसी तेल खरीद से जुड़े प्रतिबंध नहीं लगाए गए. हालांकि उस पर अन्य कारणों से कार्रवाई की गई है. अमेरिका और भारत ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि उनके बीच व्यापार संबंधी एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा को लेकर सहमति बन गई है.

भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख

इसी के साथ ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करके रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क हटा दिए. ट्रंप ने भारत की इस प्रतिबद्धता का उल्लेख किया कि वह रूस से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से तेल का आयात करना बंद करेगा और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा. इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारत पर पारस्परिक शुल्क की दर घटाकर 25 से 18 प्रतिशत करेगा.

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