AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी बोले- एआई में भारत देख रहा है अवसर और भविष्य की रूपरेखा

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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AI Impact Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मानव सभ्यता के इतिहास में होने वाले बड़े परिवर्तनों जितना ही अहम बदलाव है. उन्होंने बताया कि आज हम एआई के बारे में जो देख और समझ रहे हैं, वह उसके वास्तविक प्रभाव की सिर्फ शुरुआती झलक भर है. भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक AI सम्मेलन भारत में आयोजित हो रहा है, जो वैश्विक आबादी के लगभग एक-छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है.

भारत की युवा शक्ति और टेक क्षमता पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल और तेजी से बढ़ता टेक-आधारित इकोसिस्टम वाला देश है. भारत न केवल नई तकनीक विकसित करता है, बल्कि उन्हें अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है. उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय नई तकनीकों को अपनाने के लिए उत्सुक हैं. साथ ही, समिट में भाग लेने आए विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों, वैश्विक एआई जगत के नेताओं और नवाचारकर्ताओं का स्वागत करते हुए उन्होंने युवाओं की बड़ी भागीदारी को नए आत्मविश्वास का प्रतीक बताया.

युवाओं द्वारा AI को तेजी से अपनाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई तकनीकों को लेकर शुरुआत में संदेह होना स्वाभाविक है, लेकिन जिस गति और विश्वास के साथ दुनिया भर के युवा एआई को अपना रहे हैं, वह अभूतपूर्व है. उन्होंने समिट की प्रदर्शनी में युवाओं की बड़ी भागीदारी की सराहना की. कृषि, सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सहायता और बहुभाषी जरूरतों जैसे क्षेत्रों में प्रस्तुत समाधान ‘मेड इन इंडिया’ की ताकत को दर्शाते हैं और एआई में भारत की नवाचार क्षमता को उजागर करते हैं.

AI मानव क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा

उन्होंने कहा कि एआई मशीनों को बुद्धिमान बना रहा है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह मानव क्षमता को कई गुना बढ़ा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति है — यदि इसे बिना दिशा के छोड़ दिया जाए तो यह अव्यवस्था पैदा कर सकता है, लेकिन सही दिशा मिलने पर यह समाधान बन जाता है. एआई को खुला अवसर मिलना चाहिए, पर नियंत्रण मानव के हाथों में रहना जरूरी है. उन्होंने इसकी तुलना जीपीएस से करते हुए कहा कि वह रास्ता दिखाता है, लेकिन अंतिम निर्णय उपयोगकर्ता ही लेता है.

AI तय करेगा भविष्य की दिशा

उन्होंने कहा कि आज मानवता एआई को जिस दिशा में ले जाएगी, वही भविष्य निर्धारित करेगी. एआई से उच्च मूल्य वाले, रचनात्मक और अर्थपूर्ण कार्यों के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे नवाचार, उद्यमिता और नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने स्किलिंग, री-स्किलिंग और आजीवन सीखने को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य का कार्यक्षेत्र समावेशी, भरोसेमंद और मानव-केंद्रित होगा. यदि पूरी दुनिया मिलकर आगे बढ़ेगी, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है.

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