भारत की AI ताकत का दुनिया ने माना लोहा: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला बोले — डिजिटल दुनिया अपने घर लौटी

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने भारत की प्राचीन बौद्धिक विरासत और बाइनरी ज्ञान की सराहना करते हुए इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की जमकर प्रशंसा की. गुरुवार को उन्होंने कहा कि इस समिट के आयोजन के साथ मानो डिजिटल दुनिया अपने मूल स्रोत, यानी भारत, में लौट आई है. भारत मंडपम में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मौजूद लूला ने इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया और कहा कि यह ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया सामाजिक और तकनीकी बदलावों के एक अहम मोड़ पर खड़ी है.

ग्लोबल साउथ में पहली बार आयोजन

राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ब्राजील के लिए, भारत सरकार द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट में भाग लेना खुशी की बात है; यह पहली बार ग्लोबल साउथ में आयोजित किया गया है. उन्होंने आगे कहा, यहां दिल्ली में, डिजिटल दुनिया अपनी भूमि पर लौट आई है. यह भारतीय गणितज्ञ थे जिन्होंने हमें 2,000 साल से भी पहले बाइनरी सिस्टम दिया था, जो आधुनिक कंप्यूटिंग को बनाने के काम आया. हम अपने समय की सबसे बड़ी दुविधाओं में से एक पर चर्चा करने के लिए वापस आए हैं.

चौथी औद्योगिक क्रांति और वैश्विक चुनौती

हमारे समाज खुद को एक चौराहे पर पा रहे हैं. चौथी औद्योगिक क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है जबकि मल्टीलेटरलिज्म खतरनाक रूप से पीछे हट रहा है. इसी संदर्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ग्लोबल गवर्नेंस एक स्ट्रेटेजिक भूमिका निभाता है. अपने 18-22 फरवरी के राजकीय दौरे के दौरान, राष्ट्रपति लूला दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और 21 फरवरी को पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे. हर हाई-इम्पैक्ट टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन का दोहरा नेचर होता है. यह हमारा नैतिक और राजनीतिक सवालों से सीधा साक्षात्कार कराता है.

तकनीकी प्रगति के फायदे और जोखिम

एविएशन, एटम का इस्तेमाल, जेनेटिक इंजीनियरिंग, और स्पेस रेस इसके उदाहरण हैं. वे सबका भला कर सकते हैं या उस पर दुष्प्रभाव भी डाल सकते हैं. उन्होंने कहा, एल्गोरिदम सिर्फ मैथमेटिकल कोड के एप्लीकेशन नहीं हैं जो डिजिटल दुनिया को सहारा देते हैं. वे एक कॉम्प्लेक्स पावर स्ट्रक्चर का हिस्सा हैं. सबकी मदद के बिना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पुरानी असमानताओं को और गहरा कर देगा. कम्प्यूटेशनल क्षमताएं, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल सभी जरूरी चीजें हैं. इससे पहले, लूला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इम्पैक्ट पर समिट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से मीटिंग की.

गूगल के साथ चर्चा और ब्राजील का विजन

मुलाकात के बाद प्रेसिडेंट लूला ने एक्स पर पोस्ट किया, पिचाई ने गूगल के लिए ब्राजील की अहमियत, देश में कंपनी के इन्वेस्टमेंट, साओ पाउलो में इंजीनियरिंग सेंटर खोलने और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों और पब्लिक सेक्टर के साथ पार्टनरशिप के बारे में बात की. हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ब्राजील का विजन, डिजिटल पब्लिक सर्विसेज के क्षेत्र में सरकार के एक्शन, ब्राजीलियन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लान और डेटा सेंटर्स में इन्वेस्टमेंट लाने का प्लान पेश किया.

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