Donald Trump Future Prediction : डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2017 से 2021 तक अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था. इसके साथ ही उन्होंने नवंबर 2024 के चुनाव में दोबारा जीत हासिल की और 20 जनवरी 2025 को दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली. बता दें कि ट्रंप पद ग्रहण करने के बाद लगातार बड़े और प्रभावशाली फैसले ले रहे हैं, जिनका असर अमेरिका के साथ पूरी दुनिया को देखने का मिल रहा है. इस दौरान लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि क्या वो अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे और उनके फैसलों का भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ लोग इसे उनकी रणनीति मानते हैं तो कई इसके पीछे ज्योतिषीय कारण तलाश रहे हैं. आइए ज्योतिष शास्त्र की मदद से जानते हैं कि इस समय डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली क्या संकेत दे रही है.
ट्रंप की राशि और लग्न
मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप का जन्म 14 जून 1946 को हुआ था. ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उनकी राशि वृश्चिक है, जबकि लग्न सिंह है. माना जाता है कि जिन लोगों का जन्म सिंह लग्न में होता है, वो बुद्धिमान, साहसी और मजबूत नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं. इसके साथ ही ऐसे लोगों का स्वभाव गर्म होता है, जिन्हें बात-बात पर गुस्सा आता है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये लोग फैसले लेने से डरते नहीं और हमेशा अपने मन की सुनते हैं.
ट्रंप पर देवगुरु बृहस्पति ग्रह की महादशा
ज्योतिष विशेषज्ञों के मुताबिक, 2026 की शुरुआत से ही डोनाल्ड ट्रंप पर देवगुरु बृहस्पति ग्रह (गुरु ग्रह) की महादशा चल रही है. इतना ही नही बल्कि वर्तमान में गुरु ग्रह में शुक्र ग्रह की अंतर्दशा चल रही है, ज्योतिषियों का कहना है कि यह जून 2027 तक रहेगी. बता दें कि हमेशा से देवगुरु बृहस्पति और शुक्र को एक-दूसरे का शत्रु ग्रह माना गया है. ऐसे में जून 2027 तक डोनाल्ड ट्रंप अंतर्दशा के प्रभाव में रहेंगे. इस दौरान उनके सुख-सुविधाओं में तो कमी नहीं आएगी, लेकिन गंभीर कानूनी बाधाओं और पद खोने का संकट रहेगा.
इन ग्रहों ने दिया महत्वपूर्ण संकेत
बता दें कि इस समय डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली में शुक्र ग्रह 12वें भाव में है, जिसका संबंध भय, अनियोजित खर्चों, सांसारिक मोह के अंत, मानसिक पीड़ा, एकांत, अस्पताल, कारावास, आध्यात्मिक चिंतन और नींद आदि से है. इस दौरान माना जा रहा है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अचानक कार्यकाल खत्म होने का खतरा बना रहेगा. वहीं, लग्न में केतु ग्रह का गोचर और कुंडली के सातवें भाव में राहु ग्रह की स्थिति है, जिसके कारण मानसिक तनाव कम नहीं हो रहा है.
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