US Israel Iran War: पाकिस्तान में होने जा रही महत्वपूर्ण शांति वार्ता से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल देंगे, चाहे ईरान हमारा साथ दे या नहीं. यह काम बहुत जल्द होगा. ट्रंप ने साफ किया कि स्ट्रैटेजिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जल्द ही पूरी तरह खोल दिया जाएगा और इसके लिए अमेरिका ईरान के सहयोग का मोहताज नहीं है.
नहीं दी जाएगी शुल्क वसूलने की अनुमति
अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यहाँ किसी भी देश को जहाजों से टोल या शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय पानी है और हम ईरान की मनमानी नहीं चलने देंगे. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से अब काफी कमजोर हो चुका है. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों.
उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना नहीं
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनका उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान सैन्य रूप से हार चुका है और हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देंगे. ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से टैंकरों को सुरक्षा प्रदान करना शुरू कर देगी. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रम्प ने कहा कि कई देश, विशेषकर वे देश जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग से जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे.
सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक तरफ बातचीत का रास्ता खुला रखा है तो दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. उन्होंने बताया कि यदि इस्लामाबाद वार्ता विफल रहती है तो अमेरिका कड़े कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है. हमारे नौसैनिक जहाज सबसे आधुनिक और घातक हथियारों से लैस किए जा रहे हैं. अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता तो हम इन हथियारों का बहुत प्रभावी ढंग से उपयोग करेंगे.
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