Washington: ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमारी सैन्य कार्रवाइयों के बाद तेहरान की स्थिति पहले से काफी कमजोर हो गई है. उन्होंने दावा किया कि हमने ईरान को ऐसे स्तर पर पहुंचा दिया है, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा. उनकी सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है. उन्होंने कहा कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और कई अन्य सैन्य क्षमताएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
ईरान की अर्थव्यवस्था भी गंभीर दबाव में
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था भी गंभीर दबाव में है. ईरान में शीर्ष नेतृत्व के कई स्तर प्रभावित हुए हैं. बुधवार को व्हाइट हाउस में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने रूस और चीन की ओर से ईरान संघर्ष में सीमित भागीदारी को सकारात्मक बताया. उन्होंने कहा कि एक बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि रूस और चीन ने इसमें हिस्सा नहीं लिया या फिर जितना ले सकते थे, उससे कहीं कम हिस्सा लिया. मैं इससे बहुत खुश हूं.
ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे वहां मुद्रास्फीति (महंगाई) 301% तक पहुंच गई है, और उसकी शीर्ष सैन्य व नौसैनिक क्षमताएं काफी हद तक कमजोर हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि चीन भी चाहे तो ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा सकता था, लेकिन उसकी भागीदारी अपेक्षाकृत सीमित रही. रूस और चीन दोनों ही युद्ध का समाधान चाहते हैं.
युद्ध को खत्म होते देखना चाहते हैं
दोनों देश इस युद्ध को खत्म होते देखना चाहते हैं. हम रूस के साथ इस दिशा में काम कर रहे हैं और चीन भी इसमें शामिल है. ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अपने इस बयान में वह किस युद्ध का जिक्र कर रहे थे और चीन किस तरह की भूमिका निभा रहा है.
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