Washington: वॉशिंगटन और तेहरान में परमाणु समझौते पर चल रही बातचीत के बीच पेंटागन ने एक और विमानवाहक युद्धपोत स्ट्राइक ग्रुप को मध्य-पूर्व में तैनाती के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है.
ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल की बढ़ी चिंता
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लंबी बैठक की. दोनों नेताओं के बीच बातचीत ऐसे समय हुई जब ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंता बढ़ी हुई है. मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान के साथ बातचीत असफल होती है तो वह मध्य-पूर्व में दूसरा विमानवाहक युद्धपोत भेजने पर विचार कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई की जा सके.
अभी तक ट्रंप ने नहीं दिया तैनाती का आदेश
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यदि अंतिम आदेश मिलता है तो युद्धपोत को रवाना करने का फैसला कुछ ही घंटों में लिया जा सकता है. हालांकि अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि अभी तक ट्रंप ने औपचारिक रूप से तैनाती का आदेश नहीं दिया है और हालात बदलने पर योजना में बदलाव भी हो सकता है.
एक और विमानवाहक युद्धपोत भेजने की तैयारी
अगर दूसरा युद्धपोत भेजा गया तो वह पहले से मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ शामिल होगा जो पहले से ही मध्य-पूर्व में तैनात है. एक अधिकारी ने बताया कि पेंटागन अगले दो हफ्तों के भीतर एक और विमानवाहक युद्धपोत भेजने की तैयारी कर रहा है जो संभवतः अमेरिका के पूर्वी तट से रवाना होगा.
जल्दी खत्म कर सकता है अभ्यास
रिपोर्ट के मुताबिक यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश इस समय वर्जीनिया के तट के पास सैन्य अभ्यास कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अपने अभ्यास को जल्दी खत्म कर सकता है.
इसे भी पढ़ें. बांग्लादेश में मतदान के बीच आवामी लीग ने दी अस्थिरता की चेतावनी, चुनाव को बताया ‘मजाकिया’