Donald Trump Statement : ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि आने वाले दिनों में ईरान की सैन्य ताकत को और कमजोर किया जा सकता है. फिलहाल वह ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को तैयार नहीं हैं. क्योंकि इसे लेकर उनका मानना है कि सीजफायर के लिए जो शर्तें हैं वे पर्याप्त नहीं हैं. उन्होंने यह नहीं बताया कि समझौते की शर्तें क्या होंगी. ऐसे में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर कोई समझौता होता है तो उसमें यह शर्त जरूर होगी कि ईरान पूरी तरह अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ दे.
कई देशों ने होर्मुज की सुरक्षा की बनाई योजना
इतना ही नही बल्कि ट्रंप ने यह भी कहा कि वह कई देशों के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा के लिए योजना बना रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, तेल टैंकरों के लिए यह समुद्री रास्ता बहुत अहम माना जाता है. बता दें कि दोनों देशों में युद्ध के कारण तनाव बढ़ गया है जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कई देशों ने इस जलमार्ग की सुरक्षा में मदद करने की बात कही है. ऐसे में ट्रंप ने उम्मीद जताते हुए कहा कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश भी अपने युद्धपोत भेज सकते हैं ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे.
ईरान के महत्वपूर्ण तेल केंद्र खर्ग पर हमला
बता दें कि ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर हमला किया है. उनका कहना है कि इस हमले में द्वीप के कई हिस्से नष्ट हो गए, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि तेल की पाइपलाइन और ऊर्जा ढांचे को पूरी तरह नुकसान नहीं पहुंचाया गया ताकि उसे दोबारा बनाना संभव रहे. बता दें कि इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, प्राप्त जानकारी कके अनुसार इस संघर्ष में अब तक कई लोग मारे जा चुके हैं और अमेरिकी सेना के 13 जवानों की भी मौत हो चुकी है.
अमेरिकी हमलों में ईरान के कई मिसाइल नष्ट
इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी हमलों में ईरान के कई मिसाइल और ड्रोन सिस्टम नष्ट कर दिए गए हैं और आने वाले दिनों में ईरान की सैन्य ताकत को और कमजोर किया जा सकता है. बता दें कि ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह जीवित हैं या नहीं, क्योंकि वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. ट्रंप ने बढ़ती पेट्रोल कीमतों को लेकर अमेरिकी लोगों की चिंता को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद तेल और गैस की कीमतें फिर से कम हो जाएंगी.
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