ईद से पहले पाकिस्‍तान में तेल की भारी किल्‍ल्‍त, बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ लोगों में रोष

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Pakistan fuel price hike: पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर दुनिया के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है. इसी बीच सामने आई एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी रमजान के दौरान और भी ज्यादा परेशानी वाली हो गई है.

दरअसल, पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है. वहां की बढ़ती महंगाई आम जनता के परेशानी का सबब बन रहा है. इस बीच रमजान के महीने में घरों का बजट पहले से ही दबाव में है और जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ रहा है.

फ्यूल की कीमतों में 55 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी

डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्यूल की कीमतों में 55 रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी का असर पूरे देश में पड़ रहा है. इसकी वजह से परिवहन का खर्च बढ़ रहा है, खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं और रमजान के महीने में घरों पर ज्यादा बोझ पड़ रहा है.

बढ़ती महंगाई को लेकर जनता में रोष

वहीं, कीमत बढ़ोतरी के समय ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है. पारंपरिक रूप से रमजान वह समय होता है जब सरकारों से जरूरी चीजों के लिए टारगेटेड सपोर्ट के जरिए राहत देने की उम्मीद की जाती है. हालांकि, वर्तमान हालात की तस्वीर इससे उलटी है. कीमतों में बढ़ोतरी का असर लाखों दिहाड़ी मजदूरों और गिग वर्कर्स पर खास तौर पर गंभीर है, जिनकी आय कम और अनिश्चित है.

पाकिस्तान की इम्पोर्टेड फ्यूल पर भारी निर्भरता घरेलू कीमतों को अंतरराष्ट्रीय झटकों के लिए बहुत कमजोर बनाती है. रिपोर्ट में कहा गया है, “फ्यूल की कीमतें कभी भी कोई अलग आर्थिक घटना नहीं होती हैं. पाकिस्तान जैसी इम्पोर्ट पर निर्भर अर्थव्यवस्था में, वे एक मजबूत ट्रांसमिशन चैनल के तौर पर काम करती हैं, जिसके जरिए कॉस्ट का दबाव लगभग हर सेक्टर में फैल जाता है.”

ट्रांसपोर्ट किराए में भी वृद्धि

घोषणा के कुछ ही घंटों में शहरों में ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ना शुरू हो गया है. लाखों लोग जो काम पर आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट या मोटरसाइकिल पर निर्भर हैं, उनके लिए इसका मतलब है रोजाना के खर्चों में बढ़ोतरी, जिसे टाला नहीं जा सकता.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईद के लिए आम परिवार खरीदारी की योजना बनाते हैं. मौजूदा हालात में पाकिस्तान में घरों को खर्च का झटका लग रहा है, जिससे खरीदने की ताकत तेजी से कम हो रही है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इसका असर स्थानीय बाजार में पहले से ही दिख रहा है, जहां व्यापारियों का कहना है कि फ्यूल में कोई भी बढ़ोतरी होने के कुछ ही घंटों में कीमतें बदल जाती हैं.

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