Iran vs Israel-US War: मिडिल ईस्ट में संघर्ष और तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बडी राहत मिली है. होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी नाकाबंदी को हटाने के लिए अब दुनिया की महाशक्तियां एकजुट होती दिख रही हैं, इसे वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माना जाता है. इस समुद्री मार्ग से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, जिसे ईरान ने बंद कर दिया है. जानकारी मिल रही है कि ट्रंप के मिशन होर्मुज को अब यूरोप और एशिया के प्रमुख देशों का साथ मिल गया है.
एक विशेष सैन्य या कूटनीतिक मिशन की तैयारी
6 यूरोपीय देशों के साथ-साथ जापान और ब्रिटेन ने भी संकेत दिए हैं कि वे होर्मुज की नाकाबंदी हटाने के लिए एक विशेष सैन्य या कूटनीतिक मिशन की तैयारी कर रहे हैं. फिलहाल अभी यह साफ नहीं है कि यह ऑपरेशन कब शुरू होगा लेकिन इन देशों की सहमति ने ईरान पर भारी दबाव बना दिया है.
मिशन में शामिल होने के लिए सख्त शर्त
जहाँ एक तरफ सैन्य कार्रवाई की आहट है वहीं जर्मनी और नीदरलैंड ने इस मिशन में शामिल होने के लिए एक सख्त शर्त रखी है. इन देशों का कहना है कि यूरोपीय संघ (EU) कोई भी कदम उठाने से पहले क्षेत्र में सीजफायर या कम से कम संघर्षों को पूरी तरह रोकने की गारंटी चाहता है. बिना शांति बहाली के सीधे युद्ध क्षेत्र में उतरना वैश्विक संकट को और बढ़ा सकता है.
दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग
होर्मुज जलडमरूमध्य संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है. दुनिया के कुल दैनिक तेल उपभोग का लगभग 20% हिस्सा इसी 33 किलोमीटर चौड़े रास्ते से गुजरता है. सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे देशों का तेल निर्यात इसी रास्ते पर निर्भर है. इस मार्ग के बंद होने से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लग सकती है, जिससे महंगाई का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
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