Entry of ‘silent’ killer : काफी लंबे समय से अमेरिका-इजरायल की ईरान के साथ जंग जारी है और साथ ही इस जंग मं ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है. खासतौर पर मिडिल ईस्ट के देशों यूएई को निशाना बना रहा है. ऐसे में इन सबके बीच अब इस युद्ध में ब्रिटेन भी खुलकर आ गया है. बता दें कि ब्रिटेन ने अपनी सैन्य ताकत दिखाते हुए अरब सागर में परमाणु पनडुब्बी तैनात कर दी है.
रिपोर्ट के मुताबिक HMS Anson नाम की ये पनडुब्बी टॉमहॉक ब्लॉक IV क्रूज मिसाइलों से लैस है, जो कि कई सौ मील दूर से ही अपने टारगेट पर सटीक हमले करने की कैपिसिटी रखती है. जानकारी के मुताबिक, ईरान के खिलाफ युद्ध में ब्रिटेन ने अब अपनी नीति बदल दी है और अमेरिका को अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने की परमिशन दे दी है. इस दौरान हालात को देखते हुए अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को निशाना बना रहे ईरानी ठिकानों को तबाह करने के लिए अमेरिका ब्रिटिश सैन्य बेस का उपयोग कर सकता है.
UKMTO का बयान
इस मामले को लेकर ब्रिटेन मैरीटाइम अथॉरिटी का कहना है कि UAE के तट के पास एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया गया है. इसके साथ ही UKMTO ने बताया कि शारजाह से लगभग 15 नॉटिकल मील नॉर्थ में एक घटना हुई है. एक बल्क कैरियर के कप्तान ने जानकारी देते हुए बताया कि जहाज के पास किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के कारण धमाका हुआ. फिलहाल जानकारी मिली है कि सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
ट्रंप की धमकी पर बोला ईरान
प्राप्त जानकारी के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है और साथ ही अब ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया और कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज को बिना किसी खतरे के पूरी तरह से नहीं खोला तो अमेरिका ईरान के बिजली केंद्रों को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा. बता दें कि ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों के संयुक्त कमांड का कहना है कि अगर ईरान के ईंधन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जाएगा.
पहली बार ईरानने दागी लंबी दूरी की मिसाइल
इस मामले को लेकर इजरायली अधिकारियों ने कहा कि ईरानी सेना ने पहली बार लंबी दूरी की मिसाइलें दागी हैं, इसकी वजह से मिडिल ईस्ट के बाहर भी हमलों का खतरा बढ़ गया है. इजरायली सेना प्रमुख ने बताया कि ईरान ने अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया पर 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. साथ ही ईरानी सेना ने ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया स्थित सैन्य बेस को निशाना बनाने से इनकार किया है. ऐसे में उनका कहना है कि वहां हुए मिसाइल हमले के पीछे उनका हाथ नहीं है.
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