दुनिया का छोटा सा यह देश आज भी ऑफलाइन! न गूगल, न सोशल मीडिया, जानें क्यों नहीं चलता है इंटरनेट..?

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Country With No Internet: पूर्वी अफ्रीका का छोटा सा देश इरिट्रिया आज भी डिजिटल युग की दौड़ में कोसों पीछे है. यहां की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा यह भी नहीं जानता कि ‘इंटरनेट’ असल में कैसा दिखता है और कैसे काम करता है. ऐसे में सवाल उठता है कि एक पूरा देश बिना व्हाट्सएपए गूगल या नेट बैंकिंग के भी चल रहा है. इरिट्रिया के इस डिजिटल कटे होने के पीछे सबसे बड़े कारणों को खोजा गया तो कुछ सच्चाई खुलकर सामने आई.

पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में है इंटरनेट

जानकारी के मुताबिक यहां इंटरनेट पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में है. सरकार तय करती है कि कौन क्या देखेगा. हर ऑनलाइन गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाती है जिससे आम नागरिक खुलकर इसका इस्तेमाल करने से डरते हैं. इस देश में न तो ढंग के ब्रॉडबैंड कनेक्शन हैं और न ही मोबाइल टावरों का जाल. जो थोड़ा-बहुत इंटरनेट उपलब्ध है उसकी स्पीड इतनी धीमी है कि एक साधारण वेब पेज खुलने में भी कई मिनट लग जाते हैं.

गिनती के कुछ सरकारी कैफे ही सहारा

यहां डेटा की कीमतें इतनी ज्यादा हैं कि एक औसत नागरिक की महीने भर की कमाई भी शायद कुछ एमबी डेटा न खरीद सके. जहां दुनिया में कैफे खत्म हो रहे हैं यहां गिनती के कुछ सरकारी कैफे ही सहारा हैं. वहां भी लंबी लाइनें और सख्त नियम लागू होते हैं. ज्यादातर लोगों के पास आज भी पुराने कीपैड वाले फोन हैं. पर्सनल कंप्यूटर तो यहां अमीरी की निशानी माने जाते हैं.

न यूट्यूब है न ऑनलाइन लाइब्रेरी

यहां के छात्रों के पास न यूट्यूब है न ऑनलाइन लाइब्रेरी. अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए आज भी लोग पुराने पारंपरिक तरीकों डाक या लैंडलाइन पर निर्भर हैं. ग्लोबल डिजिटल गैप की यह सबसे बड़ी मिसाल है. जहां पूरी दुनिया एक ग्लोबल विलेज बन चुकी है वहीं इरिट्रिया के लोग आज भी ताज़ा सूचनाओं के लिए रेडियो और सरकारी समाचार पत्रों के भरोसे हैं. यह देश 2026 में भी यह कड़वा सच बयां कर रहा है कि डिजिटल डिवाइड समाज में कितनी गहरी खाई पैदा कर सकता है.

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