चट्टान में किया धमाका, मोड़ा नदी का पानी! यूरोप के सूखे ने पैदा किया बिजली संकट,बंद होने की कगार पर परमाणु रिएक्टर

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Europe Drought: यूरोप की भीषण गर्मी और सूखे ने अब परमाणु रिएक्टर बंद होने की कगार पर हैं. जिन नदियों का पानी इन रिएक्टरों को ठंडा रखता था, वे अब लगभग सूख चुकी हैं. आलम ये है कि रोमानिया की नौसेना को नदी का रास्ता बदलने के लिए चट्टानों में धमाका करना पड़ा है. इसके अलावा, हंगरी का इकलौता न्यूक्लियर प्लांट भी सिर्फ कुछ घंटों या दिनों की मोहलत पर चल रहा है.

रोमानिया और हंगरी में क्या हो रहा?

रिपोर्ट के अनुसार, रोमानिया ने सोमवार को चट्टान के एक हिस्से को धमाके से उड़ा दिया, जिससे सूखे की मार झेल रही डेन्यूब नदी से जरूरी ठंडा पानी उसके आखिरी चालू न्यूक्लियर रिएक्टर तक पहुंचाया जा सके. वहीं पड़ोसी देश हंगरी ने कहा कि वह अपने एकमात्र एटॉमिक प्लांट से दो और दिन बिजली बनाया जा सकता है.

इस वक्त गर्मी और सूखे के कारण नदियों का जलस्तर गिर गया है और पानी की सप्लाई के साथ-साथ नदी के जरिए ट्रांसपोर्ट और बिजली उत्पादन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. रोमानिया की नौसेना द्वारा किए गए इस कंट्रोल्ड धमाके से पानी का एक बड़ा फव्वारा हवा में उछल गया. यह एक असाधारण कदम था जो यूरोप में संकट की गंभीरता को दर्शाता है.

बिजली सप्लाई को मिलेगी थोड़ी राहत

पावर प्लांट के दोनों रिएक्टरों की क्षमता कम होने और हीटवेव के कारण बिजली की मांग बढ़ने से हंगरी और रोमानिया महंगी बिजली आयात करने पर मजबूर हैं. दरअसल, दोनों देश कूलेंट के तौर पर डेन्यूब नदी के पानी का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में हंगरी के अधिकारियों ने पहले कहा था कि उन्हें रविवार तक अपना पाक्स न्यूक्लियर प्लांट बंद करना पड़ सकता है. वहीं, अब उन्होंने कहा है कि यह प्लांट सोमवार या मंगलवार तक अपनी मौजूदा कम क्षमता पर काम कर सकता है, जिससे बिजली सप्लाई को थोड़ी राहत मिलेगी.

अपनी क्षमता के 10% से भी कम पर चल रहा पाक्स प्लांट 

बता दें कि 2-गीगावाट क्षमता वाला पाक्स प्लांट आम तौर पर देश की लगभग आधी बिजली बनाता है. लेकिन सोमवार को अपनी क्षमता के 10% से भी कम पर चल रहा था क्योंकि डेन्यूब नदी का जलस्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था. इसके अलावा, नदी के बहाव की दिशा में आगे, रोमानिया की सरकारी न्यूक्लियर पावर कंपनी न्यूक्लियरइलेक्ट्रिका को पिछले हफ्ते की शुरुआत में अपने दो रिएक्टरों में से एक को बंद करना पड़ा था.

वहीं, जानकारों का कहना है कि रोमानिया की तरफ से इस कंट्रोल्ड धमाके से अधिकारियों के लिए एक अस्थायी बांध बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे उस नदी चैनल में ज्यादा पानी भेजा जा सकेगा जहां आखिरी चालू सेरनावोडा रिएक्टर स्थित है.

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