Paris: दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में पेरिस से चार गुना बड़े क्षेत्र में फैली जंगल की आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है. इसके फिर भड़कने का खतरा है. इस बीच, यूनान में तीन दमकलकर्मियों की मौत हो गई तथा दक्षिणी यूरोप के विभिन्न हिस्सों में राहत दल भीषण गर्मी, सूखे और तेज हवाओं के बीच आग पर काबू पाने में जुटे हैं. क्रीट में हुई इन मौतों ने अटलांटिक तट से पूर्वी भूमध्यसागर तक फैले जंगल की आग के संकट को और गंभीर बना दिया है. फ्रांस और स्पेन में लाखों लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा.
देश की सबसे बड़ी जंगल की आग
अधिकारियों ने कहा कि फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में लगी देश की सबसे बड़ी जंगल की आग रात में और नहीं फैली लेकिन दोपहर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने और हवाएं तेज होने के साथ ही यह राहत अल्पकालिक साबित होने का खतरा पैदा हो गया. फ्रांस के विभिन्न हिस्सों और यूरोपीय सहयोगी देशों से आए दलों की मदद से 2,200 से अधिक दमकलकर्मी और 20 से ज्यादा विमान आग बुझाने के काम में जुटे रहे.
इस सप्ताह का सबसे गर्म और शुष्क दिन
भीषण गर्मी से वनस्पति की नमी खत्म हो जाती है और हवा में आर्द्रता कम हो जाती है, जिससे घास, झाड़ियां और जंगल में गिरे सूखे पत्ते तेजी से आग पकड़ने वाले ईंधन में बदल जाते हैं. फ्रांस की आधिकारिक राष्ट्रीय मौसम विज्ञान सेवा ‘मेतियो-फ्रांस’ ने कहा कि बुधवार इस सप्ताह का सबसे गर्म और सबसे शुष्क दिन रहा. फ्रांस के सभी क्षेत्रों में जंगल की आग का खतरा बढ़ा हुआ है. यूनान के अग्निशमन विभाग ने बताया कि क्रीट के रेथिम्नो क्षेत्र में जंगल की आग बुझाते समय दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई. यूनान के दक्षिणी पेलोपोनीज क्षेत्र में भी एक अन्य दमकलकर्मी की मौत हो गई.
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