लेबनान में UN शांतिसैनिकों पर हमला, फ्रांस के विदेश मंत्री ने की इजरायल की कड़े शब्दों में निंदा

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Lebanon Attack: फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने इजरायल की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि लेबनान के नकौरा क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (यूएनआईएफआईएल) के साथ “गंभीर घटनाएं” हुई हैं.

फ्रांस के विदेश मंत्री ने की निंदा

बारो ने कहा कि इजरायली सैनिकों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों के साथ सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश करना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर फ्रांस ने पेरिस में मौजूद इजरायल के राजदूत के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बैरो ने रविवार को हुई गोलीबारी की भी “कड़े से कड़े शब्दों में” निंदा की जिसमें इंडोनेशिया के एक शांति सैनिक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. इसके अलावा सोमवार को हुए एक धमाके में दो इंडोनेशियाई शांति सैनिकों की मौत और दो अन्य के घायल होने की घटना को भी उन्होंने बेहद गंभीर बताया.

बारो ने आपात बैठक बुलाने की मांग की Lebanon Attack

इन घटनाओं के बाद बारो ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है. उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सम्मान करें और संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें. उन्होंने यह भी कहा कि यूएनआईएफआईएल को अपना काम पूरी तरह से करने और बिना किसी रोक-टोक के आवाजाही की अनुमति मिलनी चाहिए.

सीधे इज़राइल का नाम नहीं लिया

हालांकि यूएनआईएफआईएल ने अभी तक हमले के स्रोत के रूप में सीधे इज़राइल का नाम नहीं लिया है और जांच शुरू कर दी गई है. लेकिन लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी और स्थानीय मीडिया के अनुसार, रविवार को इज़राइल की तोपों से दागे गए गोले यूएनआईएफआईएल में तैनात इंडोनेशियाई दल के मुख्यालय पर गिरे थे.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी की निंदा

सोमवार को इंडोनेशिया ने इन घटनाओं में अपने सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की और दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई की निंदा दोहराई. वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इन घटनाओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन हैं. गौरतलब है कि 2 मार्च से लेबनान और इजरायल की सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है. इस दिन हिज़्बुल्लाह ने 27 नवंबर 2024 के संघर्ष विराम के बाद पहली बार इजरायल पर रॉकेट दागे थे, जिसके जवाब में इजरायल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हवाई हमले तेज कर दिए.

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