French : फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर उनके एल्गोरिजम को लेकर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि यूजर्स को सोशल मीडिया के एल्गोरिदम के बारे में नहीं पता कि वह कैसे उन्हें गाइड करता है, उनका कहना है कि वह जानबूझकर यूजर्स के सामने नफरत फैलाने वाले कंटेंट को पेश करता है. इस मामले पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सिस्टम एल्गोरिदम फ्री और पारदर्शी होने चाहिए, वरना ये लोकतांत्रिक तंत्र के लिए गंभीर खतरा हो सकते हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार इमैनुअल मैक्रों 16 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में कार्यक्रम समिट में शामिल होने के लिए भारत आए हैं और यह समिट 20 फरवरी तक चलेगी. मैक्रों 17 फरवरी से 20 फरवरी तक भारत के दौरे पर रहेंगे.
मैक्रों ने एल्गोरिदम पर जताई नाराजगी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्रों ने एआई इम्पैक्ट समिट में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कड़ी आलोचना की और कहा कि फ्री ऑफ स्पीच बुलशिट है. इतना ही नही बल्कि उन्होंने कहा कि समस्या अभिव्यक्ति की आजादी नहीं बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की एल्गोरिदम और वे अपारदर्शी प्रणालियां हैं, जो कंटेंट को फिल्टर करती हैं, श्रेणीबद्ध करती हैं और फिर उसे व्यापक तौर यूजर्स तक पहुंचाती हैं.
इमैनुअल मैक्रों ने दी चेतावनी
इस मामले को लेकर इमैनुअल मैक्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एल्गोरिदम के निर्माण, प्रशिक्षण और परीक्षण में पारदर्शिता नहीं होगी तो यह लोकतांत्रिक तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं. बता दें कि इमैनुअल मैक्रों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स न्यूट्रल होते हैं, इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ये प्लेटफॉर्म जानबूझकर चुपचाप चरमपंथी और नफरत फैलाने वाले कंटेंट को यूजर्स के सामने पेश करते हैं.
भारत-फ्रांस अपनी भरोसेमंद एआई प्रणाली
इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सिस्टम एल्गोरिदम फ्री और पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट होना चाहिए. साथ ही इनमें नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर अंकुश लगाने के उपाय होने चाहिए. इतना ही नही बल्कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर भी जोर देते हुए कहा कि भारत और फ्रांस अपनी भरोसेमंद एआई प्रणाली बनाने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग कपैसिटी और प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
AI की दिशा तय करेगा हमारा भविष्य
इसके साथ ही पीएम मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि इस सम्मेलन का मकसद यह पता लगाना है कि एआई का इस्तेमाल सभी के फायदे के लिए कैसे किया जा सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि आज AI को जिस दिशा में लेकर जाएंगे, वैसा ही हमारा भविष्य तय होगा.
भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश- पीएम मोदी
इसके साथ ही लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है. सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. सबसे बड़े टेक इनेबल्ड इकोसिस्टम का उदाहरण है. बता दें कि इससे पहले पिछले साल 10-11 फरवरी को पेरिस में एआई समिट हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए थे.
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