इजरायली मंत्री गवीर की फ्रांस में अब No Entry, गाजा फ्लोटिला विवाद के बाद लगा प्रतिबंध, NATO से भी रोक लगाने की मांग

New Delhi: इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर के फ्रांस में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है. यह जानकारी फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने दी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में बैरो ने शनिवार को कहा कि यह फैसला बेन-गवीर की ‘अस्वीकार्य’ हरकतों के कारण लिया गया है, जो उन्होंने गाजा जा रहे ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ में मौजूद फ्रांसीसी और यूरोपीय नागरिकों के साथ की थीं.

फ्रांसीसी नागरिकों को धमकाया

रिपोर्ट के अनुसार, बैरो ने कहा, “हम किसी भी हालत में यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि फ्रांसीसी नागरिकों को धमकाया जाए, डराया जाए या उनके साथ हिंसा की जाए. खासकर जब ऐसा किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओर किया गया हो.” उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ को भी बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने चाहिए. बुधवार को सैकड़ों लोगों को लेकर जा रहे गाजा-गामी सहायता फ्लोटिला के सदस्यों को इजरायल के अशदोद बंदरगाह पर लाया गया और इसी दौरान बेन-गवीर ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें कुछ कार्यकर्ताओं को हथकड़ी लगाकर जमीन पर बैठाया दिखाया गया.

तेज आवाज में इजरायल का राष्ट्रीय गान बजाया

इस वीडियो में जो बेन-गवीर ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किया, दर्जनों कार्यकर्ता जमीन पर घुटनों के बल बैठे दिखते हैं, उनके सिर नीचे झुके थे और हाथ पीछे जि‍प टाई से बंधे होते थे. इसी दौरान तेज आवाज में इजरायल का राष्ट्रीय गान बजाया जा रहा था. फ्लोटिला के आयोजकों ने कहा कि इजरायली नौसेना ने सभी जहाजों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में रोक लिया, जो गाजा तट से लगभग 250 समुद्री मील दूर था.

इजरायल की ओर से 428 कार्यकर्ता अगवा

आयोजकों के अनुसार, सोमवार सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई में 428 कार्यकर्ताओं को इजरायल की ओर से ‘अगवा’ कर लिया गया. बैरो ने बुधवार को फ्लोटिला के कार्यकर्ताओं के साथ किए गए व्यवहार की निंदा की थी और इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि इजरायल में फ्रांस के राजदूत जोशुआ एल. ज़ार्का को तलब किया जाएगा. इस हफ्ते की शुरुआत में इजरायली बलों ने गाजा पट्टी की ओर जा रहे दो मानवीय सहायता फ्लोटिला को भी रोक लिया था, जिनमें दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता शामिल थे.

दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी कार्यकर्ता थे मौजूद 

लीना अल नबुलसी नाम का जहाज, जिसमें दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता किम आह-ह्युन और कोरियाई-अमेरिकी कार्यकर्ता जोनाथन विक्टर ली मौजूद थे और ‘क्युरियाकोस एक्स’ नाम का फ्लोटिला, जिसमें दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता किम डोंग-ह्योन थे, उन्हें रोक लिया गया था. किम आह-ह्युन और किम डोंग-ह्योन को बाद में इजरायल ने रिहा कर दिया, यह जानकारी दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने दी.

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