New Delhi: गाजा में युद्धविराम के बाद से इजराइली गोलीबारी में 480 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. यह ताजा आंकडे रविवार को गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए हैं. वहीं दूसरी ओर अमेरिका के शीर्ष दूतों ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से शनिवार को मुलाकात की और उनकी सरकार से गाजा में युद्धविराम के दूसरे चरण की ओर आगे बढ़ने का आग्रह किया है.
नेतन्याहू ने ट्रंप के दूत से की मुलाकात
इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद एवं पश्चिम एशिया मामलों के सलाहकार जेरेड कुशनर से मुलाकात की लेकिन कार्यालय ने इस बैठक का विस्तृत विवरण नहीं दिया. अमेरिका के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर संवाददाताओं से कहा कि दूत गाजा में बंधकों के शेष अवशेषों की बरामदगी और क्षेत्र के विसैन्यीकरण संबंधी अगले कदमों पर नेतन्याहू के साथ मिलकर निकटता से काम कर रहे हैं.
अवशेष लौटाए जाने तक दबाव
अमेरिका ट्रंप की मध्यस्थता से हुए समझौते को आगे बढ़ाए रखने को आतुर है लेकिन नेतन्याहू पर हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के अवशेष लौटाए जाने तक ऐसा नहीं करने का दबाव है. दूसरे चरण का सबसे बड़ा संकेत गाजा और मिस्र के बीच रफाह सीमा चौकी का फिर से खुलना होगा. इजराइल रविवार को मंत्रिमंडल की बैठक में रफाह सीमा चौकी खोलने के विषय पर संभवत चर्चा करेगा.
शांति बोर्ड प्लान पर बड़े सवाल
उधर, ट्रंप के शांति बोर्ड प्लान पर बड़े सवाल बने हुए हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मॉस्को अपने रणनीतिक साझेदारों से परामर्श के बाद ही फैसला करेगा. कुछ ने सवाल उठाया कि पुतिन और अन्य नेताओं को आमंत्रित क्यों किया गया? ट्रंप ने कहा कि वे सभी शक्तिशाली लोगों को चाहते हैं. मेरे पास कुछ विवादास्पद लोग हैं लेकिन ये ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करते हैं. इनके पास जबरदस्त प्रभाव है.
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