Washington: अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भारत में चल रहे प्रदर्शनों की फंडिंग को लेकर अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस का नाम लिया है. उन्होंने यह बात एक वीडियो संदेश में कही, जिसे उन्होंने भारत के युवाओं को संबोधित करते हुए जारी किया. इस दौरान उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके की भी आलोचना की. मिलबेन ने कहा कि उनसे बार-बार यह सवाल पूछा जा रहा था कि भारत में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे फंडिंग कौन कर रहा है.
विरोध-प्रदर्शनों और अशांति को फंड करते रहे
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वही व्यक्ति या वही समूह, जो दुनिया भर में ऐसे कई प्रदर्शनों को फंड करता है, खासकर तब जब किसी देश में कोई रूढ़िवादी (कंजर्वेटिव) नेता सत्ता में हो. उसका नाम जॉर्ज सोरोस है. उनके नेटवर्क से जुड़े लोग दुनिया के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शनों और अशांति को फंड करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह कोई छिपी हुई बात नहीं है. मिलबेन ने दावा किया कि अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर खुद कहा था कि उन्हें जॉर्ज सोरोस से आर्थिक मदद मिलती है. हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया.
अमेरिका के कुछ चुनिंदा दानदाताओं से मिल रही फंडिंग
यह बयान उनके बुधवार को किए गए ‘एक्स’ पोस्ट से आगे का कदम माना जा रहा है. उस पोस्ट में उन्होंने कहा था कि सीजेपी को अमेरिका के कुछ चुनिंदा दानदाताओं से फंडिंग मिल रही है, लेकिन तब उन्होंने किसी व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया था. दिपके को सीधे संबोधित करते हुए मिलबेन ने कहा कि दिपके, मैं आपसे सीधे बात कर रही हूं. आपके पास लोगों को जोड़ने और अपनी बात रखने की क्षमता है. अगर आप इस प्रतिभा का इस्तेमाल सकारात्मक कामों के लिए करें, तो भारत में एक प्रभावशाली ताकत बन सकते हैं.
अपने विचार रचनात्मक तरीके से रखें
उन्होंने दिपके को सलाह दी कि वे प्रधानमंत्री और देश के नेतृत्व से मिलकर अपने विचार रचनात्मक तरीके से रखें. जब यह विरोध-प्रदर्शन का दौर खत्म हो जाएगा, तब लोग आपको याद नहीं रखेंगे.
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