Giorgia Meloni: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर दुनिया भर की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही. इसी बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी इस पर अपना मत रखा है. उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे जायज ‘रक्षा’ बताया, साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सत्ता बदलने के लिए बाहरी सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
बाहरी सैन्य कार्रवाई सत्तावादी शासनों को खत्म करने का नहीं तरीका
मेलोनी ने कहा कि “सरकार का मानना है कि बाहरी सैन्य कार्रवाई सत्तावादी शासनों को खत्म करने का तरीका नहीं है, लेकिन वह अपनी सुरक्षा पर हाइब्रिड हमलों के खिलाफ रक्षात्मक हस्तक्षेप को जायज मानती है, जैसा कि उन सरकारी संस्थाओं के मामले में है जो ड्रग तस्करी को बढ़ावा देती हैं.”
क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा है कि जब तक वेनेजुएला के हालात ठीक नहीं हो जाते हैं तब तक देश को अमेरिका ही चलाएगा. इसके लिए एक खास टीम बनाई गई है, जिसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेग और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हैं.
रूस ने दी प्रतिक्रिया?
वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद दुनिया भर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई को सशस्त्र आक्रमण करार दिया, जिसे बेहद चिंताजनक और निंदनीय बताया. मंत्रालय ने अमेरिका से अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करने, वेनेजुएला के वैध रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने का आग्रह किया. इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही होना चाहिए.
चीन ने की अमेरिकी कार्रवाई की निंदा
इसके अलावा, चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन, वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला तथा क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया. चीन ने इसे दादागिरी और “Hegemonic Behaviour” करार दिया, तथा अमेरिका से संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करने और बल प्रयोग बंद करने की मांग की.
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