अमेरिका में लॉटरी सिस्टम खत्म, ट्रंप ने लाखों भारतीयों को दिया बडा झटका, अब किसे मिलेगा H-1B वीजा?

Must Read

Washington: अमेरिका में करियर बनाने का ख्वाब देख रहे लाखों भारतीयों को बडा झटका लगा है. अब अमेरिकी वर्क वीजा (H-1B) ‘लक’ (किस्मत) से नहीं, बल्कि ‘लक्स’ (लक्जरी सैलरी) से मिलेगा. नया नियम अगले साल 27 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा. ट्रंप प्रशासन ने दशकों पुराने लॉटरी सिस्टम को खत्म करने का मन बना लिया है. नए नियम के मुताबिक जो कंपनी विदेशी कर्मचारी को जितनी ज्यादा सैलरी देगी उसे वीजा मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी.

अब नियम पूरी तरह बदलने जा रहे हैं ट्रंप

अमेरिका जाने वाले विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए अब नियम पूरी तरह बदलने जा रहे हैं. अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने एक क्रांतिकारी बदलाव का ऐलान किया है, जिसके तहत रैंडम लॉटरी के बजाय अब ‘वेज-वेटेड सिस्टम’ (Salary-Based Selection) को अपनाया जाएगा. यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) का मानना है कि मौजूदा सिस्टम में कई खामियां थीं.

विदेशी युवाओं को लाने के लिए लॉटरी सिस्टम का दुरुपयोग

आरोप है कि कई कंपनियां कम वेतन पर विदेशी युवाओं को लाने के लिए लॉटरी सिस्टम का दुरुपयोग कर रही थीं, जिससे स्थानीय अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और नौकरी पर नकारात्मक असर पड़ रहा था. नया नियम अगले साल 27 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा. इस सिस्टम के तहत नौकरियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा. सीनियर लेवल और स्पेशलाइज्ड रोल्स वाले प्रोफेशनल्स को सबसे पहले प्राथमिकता मिलेगी.

युवाओं के लिए अब अमेरिका का दरवाजा काफी छोटा

कम अनुभव और कम वेतन वाले युवाओं के लिए अब अमेरिका का दरवाजा काफी छोटा हो सकता है. पूरी प्रक्रिया अब मेरिट यानी योग्यता और बाजार मूल्य पर आधारित होगी. केवल चयन प्रक्रिया ही नहीं बदली है बल्कि अमेरिका में बसना अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा होने वाला है. H-1B वीजा पर सालाना 1 लाख डॉलर की भारी भरकम एक्स्ट्रा फीस का प्रस्ताव है.

अमीर निवेशकों के लिए नागरिकता का सीधा रास्ता खोला

10 लाख डॉलर खर्च करने वाले अमीर निवेशकों के लिए नागरिकता का सीधा रास्ता खोला गया है. वीजा रिन्यूअल से लेकर बैकग्राउंड चेक तकए हर स्तर पर स्क्रीनिंग को कड़ा कर दिया गया है. टेक दिग्गज और वे कंपनियां जो टॉप टैलेंट को मोटी सैलरी पर हायर करती हैं. हेल्थकेयर और रिसर्च जैसे सेक्टर के लिए यह ब्रेन गेन साबित हो सकता है. IT आउटसोर्सिंग कंपनियां और फ्रेश ग्रेजुएट्स जो कम वेतन पर करियर की शुरुआत करना चाहते हैं. उनके लिए कम्पटीशन का स्तर अब हिमालय चढ़ने जैसा होगा.

इसे भी पढ़ें. Pakistan: पाक में बढ़ रहा बवाल, अडियाला जेल के पास इमरान खान की बहनों ने दिया धरना, कहा…

Latest News

₹9.13 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट! इंफ्रास्ट्रक्चर से उद्योग तक, शिक्षा से स्वास्थ्य तक: सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट: डॉ राजेश्वर सिंह

Dr Rajeshwar Singh: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष...

More Articles Like This