यूरोप के साथ ही अमेरिका में भी सूरज बरसा रहा आग, हीटवेव की चपेट में 4.4 करोड़ लोग

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Heatwave In USA: एक ओर जहां पूर्वी एशिया भारी बारिश और तूफान का सामना कर रहा है. वहीं दूसरी ओर यूरोप में भीषण गर्मी देखी जा रही है. ऐसी ही गर्मी अब अमेरिका को भी जला रही है. अमेरिका में गर्मी ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. देश के कई हिस्सों में हीटवेव ऐसा असर दिखा रहा है कि करीब 4.4 करोड़ लोग वॉर्निंग वाले इलाकों में आ गए हैं. इस दौरान मौसम विभाग ने आगाह किया है कि वीकेंड में कई राज्यों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस (110°F) तक पहुंच सकता है और कई जगह पुराने रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं.
वहीं, अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस (NWS) के मुताबिक, रॉकी माउंटेन क्षेत्र और उत्तरी मैदानी राज्यों में इस समय सामान्य से कहीं अधिक गर्मी पड़ रही है. रविवार को हालात सबसे ज्यादा गंभीर रहने के आसार है. मोंटाना और नॉर्थ डकोटा समेत कई राज्यों में तापमान 100 से 110 डिग्री फारेनहाइट के बीच रहने की संभावना जताई गई है. वहीं साल्ट लेक सिटी में भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लगातार तीन अंकों वाले तापमान (100°F से अधिक) दर्ज हो सकते हैं. ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है.

जंगल की आग पर काबू पाना हो रहा मुश्किल

देश में पड़ रही इस भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं है. कोलोराडो और यूटा में जंगलों में लगी आग पर काबू पाने की कोशिशें भी तेज गर्मी की वजह से मुश्किल हो गई हैं. ऊंचे तापमान और सूखे मौसम से आग तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ है.
वहीं, अब गर्मी की लहर अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों तक भी पहुंच गई है. मियामी में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है, जहां शनिवार को फीफा महिला वर्ल्ड कप का इंग्लैंड-नॉर्वे क्वार्टर फाइनल खेला जाना था.

दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी गर्मी नए रिकॉर्ड 

बता दें कि यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब अमेरिका के अलग-अलग हिस्से भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं. पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क और फिलाडेल्फिया जैसे शहरों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस (104°F) तक पहुंच गया था. दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी गर्मी नए रिकॉर्ड बना रही है. हाल ही में पश्चिमी यूरोप ने अपने इतिहास का सबसे गर्म जून महीना दर्ज किया. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार इस हीटवेव से यूरोप में 1,300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. फ्रांस में तेज गर्मी के कारण एफिल टावर समेत पेरिस के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को समय से पहले बंद करना पड़ा.
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