अमेरिकी सेना की खुली पोल! होर्मुज के रास्ते रोज निकाल रही 1 करोड़ बैरल तेल

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Hormuz blockade: अमेरिका की सेना तेल कारोबार के लिए अहम होर्मुज के समुद्री रास्ते में रात के अंधेरे में खेल कर रही है, जिसकी पोल अब खुल चुकी है. दरअसल, एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने चुपचाप होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल लाने-ले जाने का एक खास रास्ता बना लिया है, जिसके जरिए हर दिन 1 करोड़ बैरल तेल होर्मुज से बाहर निकाला जा रहा है.

क्या कर रही अमेरिकी सेना?

रिपोर्ट के अनुसार, तेल निकालने का यह काम पिछले कुछ हफ्तों से चल रहा है. इस ऑपरेशन के तहत हर रात 15 से 20 तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से अंदर और बाहर आ-जा रहे हैं. ये टैंकर होर्मुज में ईरान के पास से नहीं, बल्कि ओमान के तट के पास बने दक्षिणी रास्ते से गुजरते हैं. अधिकारियों के अनुसार, इसके जरिए हर दिन करीब 1 करोड़ बैरल तेल होर्मुज से बाहर निकाला जा रहा है.

वैसे तो यह युद्ध शुरू होने से पहले निकालने वाले तेल का करीब आधा है, लेकिन इस तेल सकंट के बीच यह बड़ी बात है. यह तेल फिर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचने वाले बाजार में शामिल हो रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान युद्ध के सबसे बड़ी परेशानियों में से एक को कम कर रहा है- यह परेशानी है तेल की सप्लाई में रुकावट. बता दें कि तेल की सप्लाई कम होने से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं.

रात के अंधेरे में कैसे हो रहा काम?

अमेरिकी सेना न केवल तेल से भरे टैंकरों को बाहर निकलते समय सुरक्षा दे रही है, बल्कि वह खाली तेल टैंकरों को अरब सागर से होर्मुज के रास्ते खाड़ी में पहुंचने में भी मदद कर रही है. ये खाली टैंकर खाड़ी के देशों से तेल भरते हैं और फिर होर्मुज के रास्ते बाहर निकल जाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे अभियान की पूरी जानकारी पहले सामने नहीं आई थी.

एक्सियोस के अनुसार, जिस अमेरिकी अधिकारी को इस अभियान की सीधी जानकारी है, उसने कहा कि “हम पिछले दो महीने से होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी रास्ते को कंट्रोल कर रहे हैं. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स परेशानी पैदा कर सकती है, लेकिन जलडमरूमध्य पर उसका कंट्रोल नहीं है. हमारा है.”

होर्मुज में इस पूरे अभियान की निगरानी करने वाली टीम का संचालन अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग स्थित सेना के मुख्यालय से किया जा रहा है. यह टीम खाड़ी क्षेत्र के अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करती है. टीम हर दिन उन जहाजों की एक लिस्ट तैयार करती है, जिन्हें खाड़ी से होर्मुज जलडमरूमध्य होते हुए अरब सागर की तरफ जाना है. इसके साथ ही खाली तेल टैंकरों की भी अलग लिस्ट बनाई जाती है. ये टैंकर अरब सागर से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते खाड़ी देशों के बंदरगाहों तक जाते हैं, वहां तेल भरते हैं और फिर वापस निकलते हैं.

हर रात जहाजों के आने-जाने का समय पहले से तय होता है. एक तय समय पर तेल से भरे जहाजों की एक बड़ी कतार बाहर निकलती है, जबकि दूसरे तय समय पर खाली टैंकरों की एक बड़ी कतार अंदर जाती है. इन सभी जहाजों को होर्मुज के दक्षिणी रास्ते से गुजरना होता है और वे अमेरिकी सेना के निर्देशों के मुताबिक आगे बढ़ते हैं. इस दौरान अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमान इन जहाजों की सुरक्षा करते हैं. ये विमान ईरान की तरफ से आने वाली क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से बचाव के लिए तैनात रहते हैं.

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