Iran-US Tension: होर्मुज स्ट्रेट पर IRGC की कड़ी चेतावनी, बोला—दुश्मन की हर गलत हरकत के होंगे घातक परिणाम

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में दुश्मन की किसी भी गलत हरकत का जवाब बेहद कड़ा और जानलेवा होगा.

IRGC की सख्त चेतावनी

आईआरजीसी नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में होने वाली हर गतिविधि और हलचल पर ईरानी सशस्त्र बलों की पूरी नजर है. नौसेना ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में किसी भी जहाज की आवाजाही लगातार निगरानी में रखी जा रही है और हर संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित किया जाएगा. ईरान ने यह भी कहा कि उसके पास ऐसी क्षमता है जिससे वह दुश्मन को “जानलेवा भंवर” में फंसा सकता है. इसके साथ ही ईरान ने ड्रोन निगरानी से जुड़े फुटेज भी साझा किए, जिससे यह संदेश दिया गया कि वह क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है.

अमेरिकी दावों से बढ़ा विवाद

इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि दो अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज स्ट्रेट से होकर खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश कर गए हैं और उन्होंने समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान शुरू किया है. यह दावा ऐसे समय सामने आया जब पहले से ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिससे हालात और अधिक संवेदनशील हो गए.

ईरान ने किया दावे का खंडन

हालांकि, अमेरिका के इस दावे को ईरान के मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया. ईरान का कहना है कि अमेरिकी बयान वास्तविकता से मेल नहीं खाता और यह एक भ्रामक प्रस्तुति है.

अमेरिकी जहाजों पर ईरान का दावा

शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने इस पूरे घटनाक्रम को “प्रचार स्टंट” करार दिया. रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी नौसेना के जिन जहाजों का जिक्र किया गया, उनकी पहचान USS Michael Murphy और USS Frank E. Petersen के रूप में की गई, लेकिन ईरान का दावा है कि उसकी नौसेना की सख्ती के चलते इन जहाजों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा.

संघर्ष विराम उल्लंघन की चेतावनी

आईआरजीसी ने एक और सख्त बयान जारी करते हुए कहा कि कोई भी सैन्य जहाज यदि किसी भी नाम या बहाने से होर्मुज स्ट्रेट के करीब आने की कोशिश करेगा, तो इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी. इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ईरान इस क्षेत्र में किसी भी बाहरी सैन्य गतिविधि को लेकर बेहद संवेदनशील है.

सीजफायर के बावजूद जारी तनाव

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में दो सप्ताह के संघर्ष विराम की घोषणा की गई थी. करीब एक महीने तक चले भीषण संघर्ष के बाद यह समझौता हुआ था, लेकिन इसकी शर्तों को लेकर दोनों देशों के बीच अभी तक पूरी तरह सहमति नहीं बन सकी है.

वैश्विक असर की आशंका

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति होती है. ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन गया है.

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