Islamabad: पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है. पुलिस अलग-अलग शहरों में घरों पर छापेमारी कर रही है. देर रात तलाशी ले रही है. यहां तक कि वैध दस्तावेज रखने वालों को भी हिरासत में ले रही है. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में खुलासा किया है.
जबरन वापस भेजने की कार्रवाई तेज
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अफगान शरणार्थियों के खिलाफ छापेमारी, गिरफ्तारियां और उन्हें जबरन उनके देश वापस भेजने की कार्रवाई तेज कर दी है. संगठन ने कहा कि 2026 में अब तक 146,000 से ज्यादा अफगानों को पाकिस्तान से वापस भेजा जा चुका है. ह्यूमन राइट्स वॉच में अफगानिस्तान मामलों की शोधकर्ता फरिश्ता अब्बासी ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी अफगान शरणार्थियों की सुरक्षा करने के बजाय उनमें डर फैला रहे हैं और पुलिस के बुरे बर्ताव के कारण लोग भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो रहे हैं.
बेटी बीमार लेकिन अस्पताल नहीं ले जा सकती
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तारी के डर से कई शरणार्थी अस्पताल नहीं जा पा रहे हैं. एक अफगान महिला ने संगठन को बताया कि मेरी बेटी बीमार है लेकिन मैं उसे अस्पताल नहीं ले जा सकती क्योंकि मुझे पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का डर है. इसमें यह भी बताया गया है कि हिरासत में लिए गए लोगों में वे पत्रकार भी शामिल हैं जो 2021 के बाद अफगानिस्तान से भागकर आए थे.
कुछ परिवारों को अलग कर दिया
रिपोर्ट के अनुसार कुछ परिवारों को अलग कर दिया गया है और बच्चों को अकेले ही अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया है. ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस बात पर जोर दिया कि अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजना अंतरराष्ट्रीय कानून, खासकर ‘नॉन-रिफ्यूलमेंट’ (शरणार्थियों को उस देश में वापस न भेजने का सिद्धांत जहां उन्हें खतरा हो) के सिद्धांत का उल्लंघन हो सकता है.
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