आ रही है 241KM स्पीड वाली तबाही, बढ़ती ताकत ने दी मौसम वैज्ञानिकों को टेंशन, काल बना ‘नोलो’

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Super Typhoon Nolo Impact: प्रशांत महासागर में सक्रिय शक्तिशाली चक्रवात नोलो लगातार पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. रविवार को इसकी स्थिति मारो रीफ से करीब 655 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में थी. उस वक्त ये तूफान करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था और इसके केंद्र में मिनिमम एयर प्रेशर करीब 963 हेक्टोपास्कल दर्ज किया गया, लेकिन अब धीरे-धीरे हरीकेन नोलो एक तूफान का रूप ले चुका है और अगले 24 घंटे इसके लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

दरअसल, नोलो के केंद्र से करीब 55 किलोमीटर तक तूफानी हवाएं यानी हरिकेन-फोर्स विंड्स दर्ज की जा रही थीं. वहीं, 240 किलोमीटर तक के बड़े क्षेत्र में ट्रॉपिकल-स्टॉर्म स्तर की हवाएं चल रही थीं. इन हवाओं की रविवार को अधिकतम रफ्तार करीब 195 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान था. इसके बाद 5 अक्टूबर को हवाओं के 205 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने और शाम तक करीब 215 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार छूने का पूर्वानुमान है. ऐसे में कुछ घंटे तक बेहद सावधानी से इसका अध्ययन किया जा रहा है.

समंदर में भी उठेगी सुनामी सी लहरें 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, नोलो के चलते समुद्र में काफी ऊंची लहरें और शक्तिशाली स्वेल पैदा हो रहे हैं. इनका असर पापाहानाउमोकुआकेआ मरीन नेशनल मॉन्यूमेंट क्षेत्र में देखा जा रहा है. ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मारो रीफ से लेकर लिसियांस्की द्वीप तक कुछ निचले एटोल में समुद्री पानी के ऊपर तक आने का खतरा है. हालांकि 4 अक्टूबर सुबह तक किसी तटीय क्षेत्र के लिए आधिकारिक चेतावनी या निगरानी जारी नहीं की गई थी, लेकिन आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है.

जापान तक पहुंचेगा ‘नोलो’ का असर

  1. नोलो को लेकर ये आशंका मजबूत है कि ये डेटलाइन पार कर सकता है. यही रेखा मध्य प्रशांत और पश्चिमी प्रशांत के बीच मौसम संबंधी सीमा मानी जाती है.
  2. अगर नोलो तूफानी ताकत के साथ इस सीमा को पार करता है, तो इसका नाम नहीं बदलेगा, लेकिन इसकी निगरानी की जिम्मेदारी अमेरिकी मौसम एजेंसी से जापान मौसम विज्ञान एजेंसी को मिल जाएगी. जापान भारत से करीब 3800 मील की दूरी पर है, लेकिन नोलो के भारतीय मौसम को प्रभावित करने की अभी कोई आशंका नहीं है.
  3. 1949 से 2025 तक के रिकॉर्ड में केवल 27 उष्णकटिबंधीय चक्रवात ऐसे रहे हैं, जिन्होंने 180 डिग्री देशांतर को ट्रॉपिकल-स्टॉर्म या उससे अधिक ताकत के साथ पार किया. इनमें केवल 12 तूफान हरिकेन स्तर पर थे.
  4. अगर नोलो भी कम से कम 119 किलोमीटर प्रति घंटा की लगातार हवाओं के साथ यह सीमा पार करता है, तो वह इस सूची में 28वां तूफान और हरिकेन ताकत वाला 13वां सिस्टम होगा.

अभी ताकतवर, पर पड़ जाएगा कमजोर

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