क्या है भारत का IMEC प्रोजेक्ट, कैसे इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप के इस बिजनेस कॉरिडोर का इटली बनेगा सबसे बड़ा एंट्री गेट

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

IMEC Italy Entry Gate: चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के जवाब में शुरू किए गए इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC), को एक नए वैकल्पिक समुद्री बिजनेस रूट के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है. इस पूरे समीकरण में इटली की भूमिका तेजी से बढ़ती जा रही है. वजह यह है कि बीआरआई छोड़ने के बाद अब इटली खुद को भूमध्य सागर के जरिए भारत और पश्चिम एशिया से आने वाले उत्पादों के लिए यूरोप का बड़ा एंट्री गेट बनाने जा रहा है. ये दुनिया की कनेक्टिविटी राजनीति में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है.

IMEC क्या है?

IMEC यानी India-Middle East-Europe Economic Corridor एक ऐसा बहुपक्षीय कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच व्यापारिक संपर्क को तेज, सस्ता और ज्यादा भरोसेमंद बनाना है. 9 सितंबर 2023 को जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान इसके सिद्धांतों पर एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया गया था.

इसमें भारत, अमेरिका, यूरोपीय संघ, सऊदी अरब, यूएई, फ्रांस, जर्मनी और इटली शामिल थे. प्रस्तावित ढांचे में समुद्री मार्ग, रेल संपर्क, सड़क नेटवर्क, ऊर्जा लिंक और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे पहलू शामिल हैं.

भारत सरकार ने 2025 में कहा था कि आईएमईसी से लॉजिस्टिक्स लागत 30 प्रतिशत तक और ट्रांसपोर्ट समय 40 प्रतिशत तक घट सकता है. अगर यह अनुमान जमीन पर सही बैठता है, तो भारत-यूरोप व्यापार का ढांचा काफी बदल सकता है.

इस गलियारे का उद्देश्य ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और विनिर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है, ताकि शक्ति का अनुचित केंद्रीकरण न हो और भागीदार राष्ट्रों के बीच लाभों का अधिक समान वितरण सुनिश्चित हो सके.

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