India-Bangladesh Relation: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में अब सुधार होने लगे हैं. दोनों देशों के रेलवे अधिकारी ढाका में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं, जिससे लंबे समय से बंद पड़ी सीमा पार यात्री ट्रेन सेवाओं के फिर से शुरू होने की उम्मीद बंध गई है. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुरू होने वाली दो दिवसीय अंतर-सरकारी रेलवे बैठक (IGRM) में दोनों देशों के अधिकारी भारत-बांग्लादेश के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय यात्री ट्रेन सेवाओं को दोबारा बहाल करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
छात्रों के हिंसक आंदोलन के दौरान ही ट्रेन बंद
साल 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ शुरू हुए छात्रों के हिंसक आंदोलन के दौरान ही इन ट्रेनों को बंद कर दिया गया था. इसके बाद न दोनों देशों के रिश्ते पहले जैसे रहे और न ही ट्रेन बहाल की गईं. जुलाई, 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक और बड़े पैमाने पर राजनीतिक उथल-पुथल के बाद अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया था. उस समय प्रधानमंत्री शेख हसीना को हफ्तों तक चले घातक विरोध प्रदर्शनों के बाद 5 अगस्त 2024 को देश छोड़कर भारत आना पड़ा था.
नई दिल्ली और ढाका के बीच कूटनीतिक तनाव
इसके बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार ने सत्ता संभाली थी. इस राजनीतिक परिवर्तन के कारण नई दिल्ली और ढाका के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था. शेख हसीना का भारत में रहना दोनों देशों के बीच एक बड़ा विवाद का बिंदु बन गया था और बांग्लादेश ने उनकी प्रत्यर्पण की मांग भी की थी. हालांकि इस साल की शुरुआत में हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत के साथ देश में नई सरकार सत्ता में आ चुकी है, जिसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच जमी बर्फ अब पिघलने लगी है.
यात्री सेवाएं अभी तक बंद
हालांकि भारत-बांग्लादेश के बीच यात्री सेवाएं अभी तक बंद थीं, लेकिन व्यापारिक और आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने पिछले साल ही सुधार की शुरुआत कर दी थी. 9 महीने के लंबे अंतराल के बाद फरवरी में ही दोनों देशों के बीच मालगाड़ी का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया था, जिससे व्यापारिक गतिविधियां होने लगीं. अब जबकि ढाका में उच्च स्तरीय रेलवे बैठक शुरू हो चुकी है, यह द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति की वापसी का एक स्पष्ट संकेत है.
दोनों देशों के आम नागरिकों का सफर आसान
यात्री रेल सेवाओं के बहाल होने से न केवल दोनों देशों के आम नागरिकों का सफर आसान होगा, बल्कि यह भारत और बांग्लादेश के बीच टूटे हुए विश्वास की बहाली और मजबूत होते आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा.
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