New Delhi: भारत-कनाडा के बीच सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक और व्यावहारिक रोडमैप तैयार किया गया है. दोनों देश लायजन ऑफिसर नियुक्त करेंगे, जिससे द्विपक्षीय संचार और समयबद्ध सूचना साझा करना आसान होगा. यह जानकारी कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने दी है. उन्होंने दोनों देशों के बीच हालिया सुरक्षा सहयोग समझौते को शानदार एक्शन प्लान बताया है.
साझा कार्ययोजना पर सहमति
यह समझौता तब आकार में आया जब भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने कनाडा का दौरा किया और अपनी समकक्ष Nathalie Drouin तथा कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरी से विस्तृत बातचीत की. दोनों देशों ने कानून-प्रवर्तन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर साझा कार्ययोजना पर सहमति जताई.
दोनों देश नियुक्त करेंगे लायजन ऑफिसर
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार दोनों देश लायजन ऑफिसर नियुक्त करेंगे, जिससे द्विपक्षीय संचार और समयबद्ध सूचना साझा करना आसान होगा. दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा नीति और सूचना साझाकरण को औपचारिक रूप देने पर भी सहमति जताई है. साथ ही, घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप इमिग्रेशन प्रवर्तन और धोखाधड़ी के मामलों में सहयोग जारी रहेगा.
भारत और कनाडा पूरक अर्थव्यवस्थाएं
दिनेश पटनायक ने कहा कि भारत और कनाडा पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं. कनाडा के पास ऊर्जा, कृषि, उर्वरक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे संसाधन हैं, जो भारत की सप्लाई चेन विविधीकरण रणनीति के लिए अहम हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney 26 फरवरी को भारत यात्रा पर आएंगे. उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi से होगी.
सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना
इस दौरे में सांस्कृतिक, रक्षा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है. हाल के तनावों के बाद यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर और सकारात्मक दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. यदि साझा एक्शन प्लान प्रभावी ढंग से लागू हुआ तो भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा और आर्थिक सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है.
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