New Delhi: अमेरिका से व्यापार वार्ता टूटने के बीच कनाडा को भारत से बडी राहत मिली है. भारत और कनाडा के बीच पहली आर्थिक और वित्तीय वार्ता पूरी हो गई है, जिसमें दोनों देशों ने साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर (करीब 4.65 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कनाडाई वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के बीच हुई इस बैठक में द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर तेजी से बातचीत शुरू करने और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को 2026 के अंत तक पूरा करने पर भी सहमति जताई गई है.
पेंशन फंड निवेशकों के साथ बैठकें
निर्मला सीतारमण 25 अगस्त से 2 सितंबर तक कनाडा और अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां वे शीर्ष कनाडाई कंपनियों और पेंशन फंड निवेशकों के साथ बैठकें कर रही हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार 8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसमें भारत का निर्यात 4.67 अरब डॉलर रहा है. दोनों देश अब इस साझेदारी को नए शिखर पर ले जाने के लिए 2027 में अगली उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे.
आधुनिक वित्तीय प्रणालियों पर भी बड़ा फैसला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कनाडाई वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के बीच हुई बैठक तकनीक और आधुनिक वित्तीय प्रणालियों पर भी बड़ा फैसला हुआ. कनाडा में भारतीय यूपीआई (UPI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी बात बनी है. ऐसा होने पर सीमा पार लेनदेन सस्ता और तेज होगा. इसके साथ ही दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की तकनीक के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए हाथ मिलाया है.
भारत पर भी बार-बार टैरिफ लगाने की धमकियां
अमेरिका के टैरिफ वार से पूरी दुनिया दुखी है. डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां उन देशों को भी दर्द दे रही हैं, जिनको अमेरिका का खास माना जाता है. भारत पर भी बार-बार टैरिफ लगाने की धमकियां ट्रंप देते रहते हैं. इसी रवैये की वजह से अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता टूट चुकी है.
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