भारत की वित्तपोषित परियोजनाएं बांग्लादेश में जारी रहेंगी या नहीं, जानिए क्या है यूनुस सरकार का रुख

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India Bangladesh relation: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत से जुड़े कई मुद्दे उभर कर सामने आ रहे हैं. इस बीच बांग्लादेश में भारत की वित्तपोषित परियोजनाओं को लेकर नई जानकारी सामने आई है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के एक शीर्ष सलाहकार ने कहा कि भारत की ओर से वित्तपोषित परियोजनाएं काफी महत्वपूर्ण हैं और देश में नई अंतरिम सरकार के गठन के बाद भी यह जारी रहेंगी.

दरअसल, बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस की खबर के अनुसार वित्त सलाहकार सलेहुद्दीन अहमद ने कहा कि बांग्लादेश यहां पर भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा के साथ अपनी बैठक के दौरान भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की आशा करता है.

परियोजनाएं रहेंगी जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सलेहुद्दीन अहमद ने एक बयान में कहा कि पहले से ही, उनकी (भारत) जो परियोजनाएं हैं, वो बड़ी परियोजनाएं हैं और हम उन्हें जारी रखेंगे. जो कुछ भी (परियोजनाएं) हमारे पास हैं, उसे नहीं रोकेंगे और हम उन परियोजनाओं के वित्तपोषण और कार्यान्वयन के बारे में चर्चा करेंगे.

कई परियोजनाओं को लेकर थी चिंता

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के वित्तीय सलाहार की यह टिप्पणी पिछले महीने शेख हसीना सरकार के पतन के बाद भारत की तीन ऋण सुविधा सहायताओं के तहत वित्तपोषित परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन को लेकर चिंताओं के बीच आई है.

कई स्थानों पर चल रहीं परियोजनाएं

उल्लेखनीय है कि भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने इस संबंध में कहा कि बांग्लादेश को दी जाने वाली अपनी किसी भी ऋण सुविधा को नहीं रोका है, क्योंकि वो बड़ी परियोजनाएं हैं. उन्होंने कहा कि वो परियोजनाएं जारी हैं और मूल रूप से बहुत बड़ी परियोजनाएं हैं और अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं. इसलिए, ठेकेदार परियोजनाओं को शुरू करने के लिए वापस आएंगे. दोनों देशों के बीच हुई बैठक के दौरान मौजूदा द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई.

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