भारत-इजरायल रक्षा सहयोग को नई गति, दुश्मनों की मिसाइलें होंगी ध्वस्त

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India Israel Defense Deal : इजरायल के लिए हमास, हिज़्बुल्ला और ईरान के खिलाफ जंग में ढाल बने आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम अब भारत को भी मिल सकता है. बता दें कि बुधवार को पीएम मोदी इजरायल की यात्रा पर जा रहे हैं. इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अरब डॉलर की रक्षा डील पर मुहर लग सकती है. जानकारी के मुताबिक, इन समझौतों में मिसाइल, एआई तकनीक, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हो सकते हैं.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इजरायल ने भारत को आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक ट्रांसफर करने का बड़ा प्रस्ताव दिया है. बता दें कि यह वही सिस्टम है जिस इजरायल ने हमास, हिज़्बुल्ला, ईरान और यमन के हूतियों के खिलाफ जंग में सफलतापूर्वक किया है. इसके साथ ही इसकी सफलता दर करीब 90 फीसदी बताई जाती है. सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खिलाफ काफी असरदार है. ऐसे में चीन और पाकिस्तान से तनाव के बीच यह सिस्टम भारत के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बन सकता है.

भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाना चाहता है इजरायल

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार भारत में इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों ही देश अपने रक्षा समझौते को और मजबूत करना चाहता है. ऐसे में उन्‍होंने कहा कि इजरायल अपनी तकनीक भारत के साथ साझा करना चाहता है और भारत में सैन्य उपकरणों का निर्माण भी करना चाहता है. इस मामले को लेकर रेवाच का कहना है कि हम बहुत उत्साहित हैं कि पीएम मोदी इस हफ्ते इजरायल आ रहे हैं. बता दें कि भारत वर्तमान समय में एक ग्लोबल सुपरपावर के रूप में उभर रहा है.

साइप्रस-ग्रीस के साथ मिलकर नया सहयोग

इसके साथ ही महावाणिज्यदूत ने कहा कि इजरायल इस क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को समझता है. उन्होंने ये भी कहा कि इजरायल भारत, अब्राहम अकॉर्ड्स के देशों, कुछ अफ्रीकी देशों और मिडिल ईस्ट के देशों जैसे साइप्रस और ग्रीस के साथ मिलकर एक नया सहयोग समूह बनाने की कोशिश कर रहा है. इसका मुख्‍य कारण यह है कि कट्टरपंथी ताकतों से निपटना है.

दोनों देश समान चुनौतियों का कर रहे सामना

इतना ही नही बल्कि रेवाच ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है. फिलहाल वर्तमान में दोनों देश समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस दौरे के दौरान भारत में निर्माण, रक्षा सहयोग और आयरन डोम जैसे सिस्टम में साझेदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा के साथ-साथ आर्थिक और राजनीतिक सहयोग भी उतना ही जरूरी है.

आयरन डोम की खासियत

वहीं अगर आयरन डोम की खासियत की बात करें तो यह एक मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है. इसे इजरायल की कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने मिलकर बनाया है. बता दें कि यह कम दूरी के रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को रोकने के लिए बनाया गया है ताकि हमले के दौरान आबादी वाले इलाकों को कोई नुकसान न हो और उन्‍हें बचाया जा सके. यह सिस्टम रडार की मदद से दुश्मन की पहचान करता है. खतरा सही पाए जाने पर हमले को हवा में ही नष्ट कर देता है.

आयरन डोम की कीमत

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार आयरन डोम की एक बैटरी में एक रडार, एक कंट्रोल सेंटर और एक लॉन्चर होता है. ऐसे में एक लॉन्चर में कम से कम 20 तमीर इंटरसेप्टर मिसाइलें होती हैं. सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह सिस्टम हर हमले की दिशा और लक्ष्य का आकलन करता है. इसके साथ ही अगर हमला खाली इलाके में जा रहा हो तो उसे नजरअंदाज भी कर देता है. इजरायल अब तक गाजा और लेबनान से आने वाले हजारों रॉकेट को मार गिरा चुका है.

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