India-Japan annual summit: जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर 1 जुलाई को भारत पहुंचेंगी, जहां वो 16वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में शामिल होंगी. इस दौरान वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी. बता दें कि आगामी सम्मेलन पांच अहम क्षेत्रों में ठोस सहयोग पर केंद्रित रहेगा. इनमें सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और दूरसंचार शामिल हैं.
प्रधानमंत्री साने ताकाइची का लक्ष्य जापान की उन्नत तकनीक और निवेश क्षमता को भारत की विशाल विनिर्माण क्षमता और आईटी क्षेत्र की प्रतिभा से जोड़कर ऐसी औद्योगिक व्यवस्था तैयार करना है, जो विरोधी देशों पर निर्भर आपूर्ति श्रृंखलाओं से मुक्त हो. भारत के लिए भी ताकाइची की आर्थिक आत्मनिर्भरता और मजबूत रक्षा व्यवस्था पर आधारित सोच काफी अहम मानी जा रही है.
भारत जापान संबंधो में भी आएगी मजबूती
ऐसे समय में जब एशिया में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, ताकाइची यह संकेत दे रही हैं कि शिंजो आबे के बाद जापान सिर्फ सतर्क कूटनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के साथ अधिक मजबूत और व्यावहारिक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाएगा.
बता दें कि जापानी प्रधानमंत्री 1 से 3 जुलाई 2026 तक अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर रहेंगी. दुनिया की नजर इस खास यात्रा पर है, क्योंकि ताकाइची के पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री शिंजो आबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बेहद करीबी संबंध थे. दोनों नेताओं की दोस्ती उस वक्त शुरू हुई थी, जब पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और कई बार जापान का दौरा कर चुके थे.

