India-Maldives Relations: भारत ने अपने पड़ोसी देश मालदीव की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अहम कदम उठाया है. वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने मालदीव को आवश्यक वस्तुओं के निर्यात की मंजूरी दे दी है, जिससे वहां की खाद्य आपूर्ति और विकास परियोजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मालदीव अपनी घरेलू जरूरतों और निर्माण गतिविधियों को संतुलित करने की दिशा में काम कर रहा है. भारत की यह पहल उसकी ‘पड़ोसी पहले’ नीति और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
मालदीव के अनुरोध पर लिया गया फैसला
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, यह मंजूरी मालदीव सरकार के अनुरोध पर एक विशेष द्विपक्षीय तंत्र के तहत दी गई है. इस तंत्र के जरिए दोनों देशों के बीच आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को व्यवस्थित और सुनिश्चित किया जाएगा. इस व्यवस्था के तहत विभिन्न खाद्य और निर्माण सामग्रियों का निर्यात तय कोटे के अनुसार किया जाएगा, जिसे मालदीव की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया गया है.
इन जरूरी वस्तुओं के निर्यात को मिली अनुमति
भारत ने जिन वस्तुओं के निर्यात को मंजूरी दी है, उनमें अंडे, आलू, प्याज, चावल, गेहूं का आटा, चीनी और दालें शामिल हैं. इसके अलावा निर्माण क्षेत्र के लिए जरूरी पत्थर की गिट्टी और नदी की रेत की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी. इन वस्तुओं की आपूर्ति से मालदीव में खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी गति मिलेगी.
निर्माण क्षेत्र को मिलेगा बड़ा सहारा
मालदीव जैसे द्वीपीय देश में निर्माण सामग्री की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में नदी की रेत और पत्थर की गिट्टी की आपूर्ति वहां के निर्माण उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. भारत की ओर से इन सामग्रियों की निरंतर आपूर्ति से मालदीव की विकास परियोजनाओं को गति मिलने की संभावना है.
चावल के कोटे में 77 % की बड़ी बढ़ोतरी
इस बार भारत ने मालदीव के लिए चावल के निर्यात कोटे में करीब 77 % की उल्लेखनीय वृद्धि की है. यह कदम वहां की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाया गया है. इससे यह साफ होता है कि भारत न केवल व्यापारिक बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अपने पड़ोसी देशों की मदद कर रहा है.
प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा निर्यात
पिछले वर्षों की तरह ही वित्त वर्ष 2026-27 में इन वस्तुओं का निर्यात किसी भी मौजूदा या भविष्य के प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा. इससे मालदीव को नियमित और बिना बाधा के आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी.
यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग को और मजबूत करेगी.
बुर्किना फासो को भी भारत की मानवीय सहायता
मालदीव के अलावा भारत ने अफ्रीकी देश बुर्किना फासो को भी मानवीय सहायता के तहत 1000 मीट्रिक टन चावल की खेप भेजी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि यह सहायता कमजोर समुदायों और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भेजी गई है. उन्होंने कहा कि यह कदम ग्लोबल साउथ के देशों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और एक भरोसेमंद विकास साझेदार के रूप में उसकी भूमिका को दर्शाता है.

