India Morocco Trade: भारत में मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने भारत-मोरक्को संबंधों, बढ़ते व्यापार और रक्षा सहयोग पर को लेकर कहा कि साल 2015 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1 से 1.2 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 4.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. ऐसे में मोरक्को में भारतीय कंपनियों की संख्या भी 13 से बढ़कर 47 हो गई है.
वहीं, आने वाले दिनों में भारत और मोरक्को के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर किए गए सवाल पर मोरक्को के राजदूत ने कहा कि मेरा मानना है कि भविष्य की बात करना, अब तक किए गए कार्यों की चर्चा करना भी है. हमारे संबंधों ने एक लंबा और सकारात्मक सफर तय किया है, विशेषकर राजा मोहम्मद VI की यात्रा के बाद. यदि मैं थोड़ा पीछे जाऊं, तो 2001 में राजा मोहम्मद VI की एशिया की पहली यात्रा भारत की थी. तभी से मोरक्को के सर्वोच्च नेतृत्व ने भारत के साथ घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया, जिसने हमारे द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत नींव रखी.
आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा भारत
साल 2015 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 1 से 1.2 अरब डॉलर था. मुझे खुशी है कि पिछले वर्ष यह बढ़कर लगभग 4.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया. यह उल्लेखनीय वृद्धि हमारे संबंधों की सफलता को दर्शाती है. दोनों देशों ने हमेशा व्यापारिक संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दिया है. भविष्य की संभावनाएं बेहद उज्ज्वल हैं, क्योंकि भारत एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और मोरक्को भी पूरे अफ्रीका में एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है. इससे दोनों देशों पर विशेष जिम्मेदारी आती है और कम समय में हासिल की गई इस प्रगति पर गर्व भी होता है.
भारत और मोरक्को के बीच सहयोग और निवेश की नई संभावनाएं
मोरक्को ऑटोमोबाइल उद्योग में अफ्रीका और अरब जगत में अग्रणी है, एयरोनॉटिक्स क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है और अब रक्षा क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. यही वे क्षेत्र हैं जो भारत और मोरक्को के बीच सहयोग और निवेश की नई संभावनाएं प्रस्तुत करते हैं. भारतीय उद्योग जगत यह समझ चुका है कि मोरक्को उनके विनिर्माण और वैश्विक विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है. इसका प्रमुख कारण विभिन्न देशों के साथ मोरक्को के मुक्त व्यापार समझौते हैं.
मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण व्यापारिक गतिविधियों की गति कुछ धीमी हो सकती है, लेकिन यह कोई संरचनात्मक गिरावट नहीं है. दोनों देशों में व्यापार और निवेश को नए क्षेत्रों में विस्तारित करने की पूरी क्षमता मौजूद है. कार के पुर्जों, स्पेयर पार्ट्स, दवाइयों और कृषि उत्पादों सहित विभिन्न वस्तुओं का व्यापार लगातार बढ़ रहा है. दोनों देशों के बीच एक्सचेंज लगातार विस्तृत हो रहा है और दोनों पक्ष इसे और व्यापक बनाना चाहते हैं.

