ग्रीन कार्ड बैन पर अमेरिका को भारत का करारा जवाब, ‘बंधुआ मजदूर’ वाली टिप्पणी पर JD वेंस को भी हड़काया

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India US Green Card: भारत ने अमेरिका के उस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है, जिसके तहत 8 प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों को उसके स्थायी श्रम प्रमाणन (PERM) कार्यक्रम से निलंबित कर दिया गया है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका का यह कदम दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करता है. साथ ही भारत ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस की भारतीय पेशेवरों को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है और उनमें इस्तेमाल किए गए विवरणों को ‘बेहद अपमानजनक’ करार दिया है.

मौजूदा वीजा पर फौरी खतरा नहीं

अमेरिकी श्रम विभाग की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि PERM कार्यक्रम और H-1B वीजा व्यवस्था अलग-अलग हैं. ऐसे में PERM कार्यक्रम के तहत निलंबन को H-1B वीजा प्रणाली पर सीधे लागू होने वाली कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. इस दौरान भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस निलंबन से मौजूदा H-1B वीजा की वैधता या वीजा धारकों और उनके आश्रितों की स्थिति पर अपने आप कोई असर नहीं पड़ता है. हालांकि, अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया में शामिल पात्र कर्मचारियों पर इसके प्रभाव पड़ सकते हैं.

‘हुनर की आवाजाही दोनों देशों की ताकत’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि “टैलेंट मोबिलिटी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद है.” इसमें तर्क दिया गया कि कुशल पेशेवरों की आवाजाही से भारतीयों के लिए मौके बनते हैं और साथ ही अमेरिकी कंपनियों को भी खास हुनर, इनोवेशन, रिसर्च, प्रोडक्टिविटी, कॉम्पिटिटिवनेस और नौकरी के मौके मिलने से फायदा होता है. भारत ने प्रोफेशनल मोबिलिटी को आपसी फायदे का एक बड़ा क्षेत्र बताया और कहा कि उसे उम्मीद है कि सभी संबंधित पक्ष इसके महत्व को समझेंगे. उन्होंने कहा कि “अमेरिका द्वारा घोषित कदम दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षाओं को आगे नहीं बढ़ाते हैं.”

भारतीय पेशेवरों पर की गई टिप्पणी ‘बेहद आपत्तिजनक’

इसके अलावा भारत ने अमेरिकी कार्रवाई के संबंध में वाइस-प्रेसिडेंट वेंस की टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई. भारत का कहना है कि इन टिप्पणियों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उसके इनोवेशन इकोसिस्टम में उच्च शिक्षित और कुशल भारतीय पेशेवरों के योगदान को नजरअंदाज किया गया. उन्होने कहा कि “खुद अमेरिका का इतिहास प्रवासियों की कई पीढ़ियों से बना है, जिनकी मेहनत, उद्यम और इनोवेशन ने देश की तरक्की और खुशहाली में योगदान दिया है.” भारत ने आगे कहा कि दर्दनाक ऐतिहासिक और औपनिवेशिक विरासत की याद दिलाने वाली शब्दावली का इस्तेमाल “बेहद आपत्तिजनक” था. सरकार ने कहा कि वह घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है.
Latest News

‘योगी से डरते हैं तो जहूराबाद में मुझसे लड़ लें’ अखिलेश यादव को OP राजभर ने दी चुनौती

Om Prakash Rajbhar: पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी...

More Articles Like This