New Delhi: श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या को भारत के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. इसके लिए उन्हें आधिकारिक फटकार लगाई गई है. यह मामला लेवल-1 के उल्लंघन से जुड़ा है. इस घटना के बाद जयसूर्या के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है. पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है.
बाउंड्री के कुशन पर किया था प्रहार
प्रभात जयसूर्या ने सोमवार को मैच के दूसरे दिन आखिरी गेंद पर आउट होने के बाद मैदान से बाहर जाते समय अपने बल्ले से बाउंड्री के कुशन पर प्रहार किया था. आईसीसी ने इसे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन माना. यह अनुच्छेद अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट के सामान, कपड़ों, मैदान से जुड़े उपकरणों या मैदान की अन्य वस्तुओं को नुकसान पहुंचाने अथवा उनका दुरुपयोग करने से संबंधित है.
प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया
जयसूर्या ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया. इसलिए इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. मैदान पर मौजूद अंपायर एहसान रजा और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद ने तीसरे अंपायर रॉड टकर और चौथे अंपायर प्रगीथ रम्बुकवेला के साथ मिलकर जयसूर्या पर यह आरोप लगाया था. आईसीसी आचार संहिता के तहत लेवल-1 के उल्लंघन के लिए न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार है वहीं अधिकतम सजा खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक हो सकती है.
अंतिम लम्हों में मैदान पर रोशनी कम
दूसरे दिन के खेल के अंतिम लम्हों में मैदान पर रोशनी कम हो गई थी, जिसके लिए प्रभात जयसूर्या बार-बार अंपायर को अपील कर रहे थे. अंपायर ने जब लाइट-मीटर निकाला तो रोशनी स्पिन गेंदबाजी को खेलने के लिए अनुकूस पाई गई पर नाइट वॉचमैच प्रभात जयसूर्या बल्लेबाजी करने के लिए आनाकानी करते रहे. बहरहाल अंपायर के बीच में आने से खेल शुरु हुआ. मानव सुथार की तेज ऑर्म बॉल उनके पैड से टकराई और अंपायर ने उनको आउट दे दिया. रीप्ले में बॉल विकेट को सिर्फ टच करती नजर आई और अंपायर कॉल की वजह से उनको पवेलिएन लौटना पड़ा. रास्तो में प्रभात ने पहले बाउंड्री पर किशन पर बैट मारा फिर ग्लब्स भी फेंकते नजर आए जो केल भावना के खिलाफ था.
इसे भी पढ़ें. दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 3000 केस: CM ने बुलाई आपात बैठक, मंत्री बोले- स्थिति कंट्रोल में