Indian Diplomacy: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समय दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर है, जहां उन्होंने सियोल स्थित राष्ट्रीय समाधि स्थल ‘नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया’ पहुंचकर देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की. रक्षा मंत्री ने पुष्प अर्पित कर उन सैनिकों को नमन किया, जिन्होंने अपने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन वीर जवानों का साहस, समर्पण और देशभक्ति की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि भारत, कोरिया गणराज्य के साथ उसके वीर नायकों की विरासत का सम्मान करने और उनके बलिदान को स्मरण करने में पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है. इस दौरान रक्षा मंत्री ने समाधि स्थल पर दक्षिण कोरिया के सैन्य इतिहास तथा वहां के सैनिकों के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया.
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे राजनाथ सिंह
बता दें कि राजनाथ सिंह तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर दक्षिण कोरिया में हैं, जहां वो दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस दौरान दोनों देश रक्षा साझेदारी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेंगे और सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर नई पहलों पर चर्चा करेंगे. इसके साथ ही साझा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा.
गौरतलब है कि यह यात्रा 19 मई से प्रारंभ हुई है और 21 मई तक जारी रहेगी. इस यात्रा का उद्देश्य भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समन्वय को और मजबूत करना है.
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मजबूत होंगे संबंध
दरअसल, रक्षा मंत्री की यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मजबूत होते सामरिक एवं रक्षा संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, रक्षा उत्पादन, तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर लगातार सहयोग बढ़ रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि राजनाथ सिंह द्वारा राष्ट्रीय समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करना न केवल वीर सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह भारत और दक्षिण कोरिया के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, शांति और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है. भारत और दक्षिण कोरिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है. दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.