New Delhi: ईरान में फंसे 312 भारतीय मछुआरों की सुरक्षित वतन वापसी हुई है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पुष्टि की कि यह बचाव अभियान आर्मेनिया सरकार के सहयोग से आर्मेनिया के रास्ते सफलतापूर्वक पूरा किया गया. उन्होंने इसे मुमकिन बनाने के लिए आर्मेनिया सरकार को धन्यवाद भी दिया. इससे पहले 5 अप्रैल को भी 345 मछुआरों को इसी मार्ग से चेन्नई सुरक्षित लाया गया था. अब तक 1200 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.
अपने नागरिकों को निकालने का काम जारी
इससे पहले भी भारत सरकार ने लगातार प्रयास करके ईरान से अपने नागरिकों को निकालने का काम जारी रखा है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा, ‘312 और भारतीय मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते ईरान से सुरक्षित भारत लाया गया. इसे मुमकिन बनाने के लिए आर्मेनिया सरकार और मेरे दोस्त अरारत मिर्जोयान का शुक्रिया.’
अज़रबैजान के जरिए बाहर निकाला
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1200 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. इनमें से 996 लोगों को आर्मेनिया और 204 लोगों को अज़रबैजान के जरिए बाहर निकाला गया. इनमें बड़ी संख्या छात्रों की भी है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस वापसी को खुशी का दिन बताया. उन्होंने कहा कि यह मछुआरे लंबे और मुश्किल सफर के बाद अपने घर लौटे हैं, जिसमें उन्हें करीब 20 घंटे की यात्रा करनी पड़ी.
खतरे में थी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों ने इस पूरे ऑपरेशन में दिन-रात काम किया और जमीनी स्तर पर समन्वय बनाकर यह मिशन सफल बनाया. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण भारतीय नागरिकों की सुरक्षा खतरे में थी. ऐसे में भारत सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई. यह ऑपरेशन भारत की मजबूत कूटनीति और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है.
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