Indonesia earthquake: शनिवार की सुबह इंडोनेशिया के तट पर आए 7.7 तीव्रता के ज़बरदस्त भूकंप में 38 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई इमारतें व घर ढह गए. खतरनाक भूकंपों के लिए जाने जाने वाले इस इलाके में इतनी जोर से धरती हिल रही थी कि लोग सड़कों पर बैठ गए. अधिकारियों ने बताया कि दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इंडोनेशिया के अलावा स्पेन के ग्रैनाडा में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई है.
भूस्खलन से 16 शव निकले
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे इंडोनेशिया के फ्लोरेस इलाके में 10 किलोमीटर (छह मील) की गहराई पर भूकंप आया. इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से 68 किलोमीटर (42 मील) उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था. शुरुआती भूकंप के बाद कई झटके (आफ्टरशॉक्स) भी महसूस किए गए.
इस बीच नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के प्रमुख सुहार्यांतो ने बताया कि बचाव कर्मियों ने 38 शव बरामद किए हैं. इनमें से ज्यादातर शव सिक्का, मंग्गाराई और ईस्ट मंग्गाराई के बुरी तरह प्रभावित इलाकों से मिले हैं, जिनमें मंग्गाराई के रेओक गांव में भूस्खलन से निकाले गए 16 शव भी शामिल हैं. वहीं, 13 लोगों को पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल थे.
2000 ग्रामीण घर छोड़कर भागे
इसके अलावा, सुहार्यांतो (जो कई इंडोनेशियाई लोगों की तरह सिर्फ एक नाम का इस्तेमाल करते हैं) ने बताया कि लॉजिस्टिक्स और इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑपरेशन में मदद के लिए तीन हेलीकॉप्टर और एक बचाव जहाज तैनात किया गया है. इसमें जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना भी शामिल है, क्योंकि ईस्ट नुसा तेंगारा का भूगोल ऐसा है कि वहां कई द्वीप हैं और परिवहन व पहुंचने में काफी मुश्किलें आती हैं.
उन्होंने बताया कि नागेकेओ इलाके के करीब 2,000 ग्रामीण अपने घर छोड़कर अस्थायी शेल्टर में चले गए हैं. ईस्ट नुसा तेंगारा के पुलिस प्रमुख रूडी डारमोको ने बताया कि भूकंप से भारी नुकसान हुआ है और कई इमारतें ढह गई हैं. शहरों और गांवों में बिजली गुल होने से जानकारी मिलने में रुकावट आई है और खोज व बचाव कार्यों में मुश्किल हो रही है.

