Tehran: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि हमारे बुनियादी यकीन बिल्कुल साफ हैं. ईरान किसी भी हालत में कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा, न ही हम ईरानी अपने लोगों के लिए शांतिपूर्ण न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के फायदों का इस्तेमाल करने के अपने अधिकार को कभी छोड़ेंगे.
न्यायसंगत और बराबरी वाला समझौता
अराघची ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के साथ जल्द से जल्द एक न्यायसंगत और बराबरी वाला समझौता करना चाहता है. दोनों देशों के पास एक ऐतिहासिक मौका है, जिसके तहत वे एक ऐसा समझौता कर सकते हैं जैसा पहले कभी नहीं हुआ. अराघची ने यह बात सोशल मीडिया मंच एक्स पर कही. यह बयान तेहरान और वॉशिंगटन के बीच होने वाली तीसरे दौर की अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता से पहले आया है.
एक सही और बराबर डील
यह वार्ता गुरुवार को जिनेवा में होने वाली है. दोनों देश पहले भी दो चरणों में बातचीत कर चुके हैं. अराघची ने कहा कि पिछले राउंड में बनी समझ के आधार पर ईरान जिनेवा में अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करेगा. इस पक्के इरादे के साथ कि वह कम से कम समय में एक सही और बराबर डील करेगा.
दोनों पक्षों के पास एक ऐतिहासिक मौका
अराघची ने कहा कि दोनों पक्षों के पास एक ऐसा ऐतिहासिक मौका है, जिससे आपसी चिंताओं को दूर किया जा सके और साझा हितों को हासिल किया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि अगर डिप्लोमेसी को प्राथमिकता दी जाए तो डील हो सकती है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है.
दो दौर की अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता
इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच दो दौर की अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता हो चुकी है. इन वार्ताओं में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है.
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