इजरायल की सबसे बड़ी टेंशन, ईरान अब दाग रहा क्लस्टर बम, भारत में इजरायली दूतावास ने भी बताया खतरनाक

US Israel Iran War: ईरान अब इजरायल पर क्लस्टर बम दाग रहा है जो इजरायल के आयरन डोम को फेल कर रहे हैं. यहां तक कि इजरायल को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह वही हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल कभी इजरायल खुद दुश्मनों पर करता रहा है. क्लस्टर बम एक मिसाइल के अंदर मौजूद सैकड़ों छोटे-छोटे बम होते हैं. जब मिसाइल आसमान में फटती है तब यह दूर तक फैल जाते हैं और जमीन पर गिरते हैं.

अब इजरायल की सबसे बड़ी टेंशन

रात में जब इन हथियारों से हमला होता है तो आसमान में अचानक दर्जनों चमकीले नारंगी रंग की रोशनी दिखाई देती है. ईरान-अमेरिका युद्ध में यह हथियार ही अब इजरायल की सबसे बड़ी टेंशन बने हुए हैं. भारत में इजरायली दूतावास ने भी इसे लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट किया और बताया कि यह कितने खतरनाक हैं. इजरायल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘ईरानी शासन इजराइली नागरिकों पर क्लस्टर बम दाग रहा है.

जानबूझकर और बार-बार इस्तेमाल

नागरिकों के खिलाफ इनका जानबूझकर और बार-बार इस्तेमाल यह दर्शाता है कि ईरानी आतंकी शासन नागरिकों की अधिकतम मौत और नुकसान पहुंचाना चाहता है.’ हर बम में करीब 5 किग्रा तक विस्फोटक होता है. आमतौर पर एक मिसाइल में लगभग 24 छोटे बम होते हैं, जबकि ईरान की खोर्रमशहर मिसाइल में यह संख्या 80 तक पहुंच सकती है.

बड़े इलाके में नुकसान पहुंचाना मकसद

विशेषज्ञों के अनुसार इन बमों का मकसद बड़े इलाके में नुकसान पहुंचाना होता है. एक विश्लेषण में पाया गया कि ऐसे हमलों में बम 8-10 किमी तक फैले इलाके में गिर सकते हैं. इनका कोई तय निशाना नहीं होता, इसलिए ये घरों, सड़कों, पार्कों और कारोबारी इलाकों पर भी गिर सकते हैं. इजरायल में बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से पहले चेतावनी के लिए सायरन बजा दिए जाते हैं और लोगों को बम शेल्टर में जाने का समय मिल जाता है.

एक ऐसे ही बम से दो लोगों की मौत

इसके बावजूद खतरा बना रहता है. पिछले हफ्ते तेल अवीव के बाहरी इलाके में एक ऐसे ही बम से दो लोगों की मौत हो गई. दोनों निर्माण मजदूर थे और हमले के समय किसी सुरक्षित जगह पर नहीं थे. इस तरह के हमलों में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब धीरे-धीरे ‘थकाने वाली रणनीति’ यानी वॉर ऑफ अट्रिशन अपना रहा है. यानी कम मिसाइलों से भी ज्यादा डर और नुकसान पैदा करना.

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