Tehran: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक बार फिर दोहराया कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं करना चाहता और तेहरान विरोधी प्रचार को झूठ करार दिया. उनके कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, पेजेश्कियन ने यह बात अर्मेनिया की राजधानी येरेवन में जैव विविधता सम्मेलन (सीओपी17) के मौके पर जॉर्जिया के प्रधानमंत्री इराक्ली कोबाखिद्जे के साथ बैठक के दौरान कही.
ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करना चाहता
उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करना चाहता और हम अपने देश के खिलाफ विनाशकारी प्रचार को झूठ मानते हैं. उन्होंने परमाणु हथियारों के विकास पर रोक के संबंध में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के स्पष्ट रुख का हवाला दिया. पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहा है, वे (अमेरिका) सोचते हैं कि वे हमें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर सकते हैं, लेकिन हम जबरदस्ती के सामने नहीं झुकेंगे.
अमेरिकी प्रतिबंध मानवीय ढांचे के अनुरूप नहीं
उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध मानवीय ढांचे के अनुरूप नहीं हैं और ईरान पर हालिया अमेरिका-इजरायल हमलों को अनुचित और अमानवीय बताया. जॉर्जिया के प्रधानमंत्री कोबाखिद्जे ने इस दौरान कहा कि उनका देश राज्यों के आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप को खारिज करता है. एक अलग बैठक में, उनके कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान के साथ बैठक में पेज़ेश्कियान ने कहा कि अमेरिका को यह समझना होगा कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा और अपनी जनता पर भरोसा करते हुए तथा अपने पड़ोसियों के साथ समन्वय बनाते हुए पूरी ताकत के साथ दुनिया के साथ अपने संबंध जारी रखेगा.
पूरी दुनिया के लिए समस्याएं
उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके प्रतिबंधों ने ईरान और पूरी दुनिया के लिए समस्याएं पैदा की हैं और चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन इसी रास्ते पर चलता रहा तो पूरी दुनिया के लिए स्थिति और बिगड़ जाएगी. पेजेश्कियन ने वाशिंगटन से बल प्रयोग के बजाय तर्क के आधार पर बातचीत करने का आह्वान किया.
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