Pakistan Army: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति में बदलाव को दर्शाया है. उन्होंने स्पष्ट किया था कि भारत शांति चाहता है, लेकिन उसकी प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. राजनाथ सिंह के इस चेतावनी से पाकिस्तान तिलमिलाया है. ऐसे में उसके एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने गीदड़भभकी दी है.
पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य कमांडर ने कहा है कि किसी भी ‘मिसकैलकुलेशन’ (गलत अनुमान) का जवाब ऐसा होगा, जिसकी कल्पना सीमा पार नहीं की गई होगी. पाकिस्तान के इस बयान को राजनाथ सिंह की सख्त चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते बयानबाजी के तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है.
….युद्ध की कोई जगह नहीं
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आमेर रजा ने शनिवार को पाकिस्तान सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के दौरान यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि “परमाणु हथियारों से लैस क्षेत्र में युद्ध की कोई जगह नहीं है,” और सेना का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
पाकिस्तानी कमांडर ने भारत को धमकी दी
रजा ने कहा कि ” किसी भी गलत आकलन का जवाब उनकी कल्पना से परे होगा.” सैन्य अधिकारी ने पाकिस्तान के खिलाफ कथित शत्रुतापूर्ण इरादों और दुष्प्रचार का भी जिक्र किया. उन्होंने भारत का नाम लिए बगैर कहा कि ” विरोधी पक्ष पाकिस्तान के खिलाफ दुष्प्रचार और नैरेटिव वॉरफेयर के जरिए जनता तथा सशस्त्र बलों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष गतिविधियों के जरिए अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है.”
पाकिस्तानी कमांडर का राष्ट्रीय एकता पर जोर
पाकिस्तानी कमांडर ने अपने संबोधन में देश की रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया. हालांकि, उनके बयान में भारत की चेतावनी के जवाब में किसी विशिष्ट सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई. इससे एक दिन पहले, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने भी राजनाथ सिंह की टिप्पणियों को “उकसावे वाली” “आधिपत्यवादी मानसिकता” वाला करार दिया था.

