Iran Hormuz Strait News: ‘होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं, लेकिन अब नियम सख्त’, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान का बड़ा बयान

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran Hormuz Strait News: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव अब एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है जहां पूरी दुनिया की नजरें ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने पहली बार खुलकर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. इस बयान ने न सिर्फ वैश्विक राजनीति बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर भी नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.

होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं, लेकिन सख्ती तय

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं किया गया है और यहां से जहाजों की आवाजाही जारी रहेगी. हालांकि, पहले जैसी स्थिति अब नहीं रहेगी. मंत्रालय ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात युद्ध जैसे हैं, इसलिए सुरक्षा के नियमों को काफी सख्त किया जाएगा. ईरान का कहना है कि वह हमेशा से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता का सम्मान करता आया है, लेकिन जब देश की सुरक्षा खतरे में हो तो सख्ती करना जरूरी हो जाता है. इस बयान से साफ है कि ईरान पूरी तरह रास्ता बंद करने के बजाय उसे नियंत्रित करने की रणनीति पर काम कर रहा है.

अमेरिका और इजरायल पर सीधा आरोप

ईरानी अधिकारियों ने इस पूरे संकट के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इन दोनों देशों की सैन्य कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है. ईरान ने अपने जवाबी हमलों को ‘आत्मरक्षा का कानूनी अधिकार’ बताया है. उनका कहना है कि अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना एक प्रतिक्रिया थी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी देश इस जलमार्ग का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ साजिश के लिए न कर सके.

किन जहाजों पर लगेगी रोक

ईरान ने जहाजों की आवाजाही को लेकर नई स्थिति भी स्पष्ट की है. अब उन जहाजों को रोका जा रहा है जिनका संबंध अमेरिका और इजरायल से है या जिन्हें ईरान ‘आक्रमणकारी देशों’ से जुड़ा मानता है. वहीं, बाकी देशों के जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा. हालांकि, उन्हें ईरानी अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना होगा और सुरक्षा नियमों के तहत ही आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी. इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार पूरी तरह रुकेगा नहीं, लेकिन नियंत्रण ईरान के हाथ में रहेगा.

शांति के लिए ईरान की शर्त

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साफ संदेश दिया है कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है जब अमेरिका और इजरायल अपनी सैन्य गतिविधियों को रोकें. मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के खिलाफ धमकियां बंद होनी चाहिए और उसके वैध हितों का सम्मान किया जाना चाहिए.

वैश्विक असर की आशंका

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है. यहां किसी भी तरह की सख्ती या तनाव का असर सीधे तौर पर वैश्विक बाजार, तेल की कीमतों और व्यापार पर पड़ सकता है. ईरान का यह नया रुख संकेत देता है कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र और भी संवेदनशील हो सकता है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन अगर तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय माना जा रहा है.

यह भी पढ़े: NATO प्रमुख ने अमेरिकी हमलों का किया समर्थन, ईरान के खतरे को लेकर दी चेतावनी

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